नॉर्वे का एड-टेक फर्म डीफावो कोविड के बाद बदले परिदृश्य में भारतीय विद्यार्थियों को विदेश के किसी विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देता है। डीफावो एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो विदेश में पढ़ना सुलभ बनाता है। भारत में सेवा शुरू करने के पहले 12 महीनों में ही डीफावो ने 10,000 से अधिक भारतीय विद्यार्थियों के लिए विदेश में पढ़ने की सुविधा बढ़ा दी है। प्लेटफॉर्म के 3,400 से अधिक चैनल पार्टनर पहले से इसका उपयोग कर रहे है और यह पूरी दुनिया के 1,100 से अधिक शिक्षा संस्थानों में प्रवेश आसान बनाता है। विश्व स्तर पर डीफावो 18,000 से अधिक विद्यार्थियों की सहायता करने में सफल रहा है।

चंडीगढ़ आधारित कम्पनी का गठन भारतीय मूल के श्री हरिंदर औलख ने श्री पॉल क्वाल्हेम के साथ की है। इसका मुख्यालय ओस्लो, नॉर्वे में है। यह देखते हुए कि दुनिया के बहुत-से शिक्षा संस्थान धीरे-धीरे विदेशी विद्यार्थियों के आगमन की अनुमति दे रहे हैं डीफावो विदेश में पढ़ने के उम्मीदवारों की चाहत पूरी करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डीफावो काम में तेज और उपयोग में आसान है इसलिए विश्वस्तरी शिक्षा प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम रखना आसान बनाता है। यह आवेदन की प्रक्रिया को डिजिटल करने के साथ उम्मीदवारों को कुशल मानव का सहयोग सुनिश्चित करने और पूरी प्रक्रिया में सुलभता बनाए रखने में सक्षम है। डीफावो की सेवा सुरक्षित और पारदर्शी दोनों है और इसकी सेवा के केंद्र में विद्यार्थियों का हित रहा है। पहले ‘studyportal.io के रूप में पहचान रखने वाले फर्म ने ‘डीफावो’ के रूप में अपनी दुबारा-ब्रांडिंग की है।

विदेशी विद्यार्थियों की कोविड संबंधित आवश्यकताओं को समझने में कम्पनी किस तरह भारतीय विद्यार्थियों की मदद करती है इस बारे में डीफावो के संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी श्री हरिंदर सिंह औलख ने विस्तार से बताया, ‘‘डीफावो में हम विद्यार्थियों के आवेदन की प्रक्रिया के हर चरण में उनकी मदद करते हैं। उन्हें विभिन्न स्कूलों और शिक्षाओं के बारे में सलाह देते हैं। उनके गंतव्य देशों का वीजा आवेदन करने में भी सहायता करते हैं। दरअसल पूरी प्रक्रिया में उनकी मदद कर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भारतीय विद्यार्थी विदेश में पढ़ने का सपना पूरा करने में सफल हों।’’

श्री हरिंदर सिंह औलख ने बताया, ‘‘भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है। किसी देश के समृद्ध और सफल होने के लिए उसकी आबादी का सुशिक्षित होना ज़रूरी है। डीफावो का प्रयास भारत का पसंदीदा पढ़ाई पोर्टल बनना है जिसका लक्ष्य विदेश में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को इसकी आसानी से सुविधा देना है। मैंने पढ़ाई के सफर में दो मास्टर डिग्री प्राप्त की और शानदार करियर का अवसर प्राप्त किया है। सभी को यह अवसर मिलना चाहिए और हम युवा, उद्यमी भारतीय विद्यार्थियों के सपने सच करने में उनकी मदद कर गौरवान्ति अनुभव करते हैं।’’

डीफावो का लक्ष्य भारत को विदेशी विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का गढ़ बनाना है। डीफवो पहले से ही अफ्रीका के विद्यार्थियों को भारतीय विश्वविद्यालयों में और नेपाल के विद्यार्थियों को जापान के संस्थानों में दाखिला लेने में सहायता कर रही है। यह सही अर्थों में वैश्विक प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है जिसकी मदद से पूरी दुनिया के विद्यार्थी उच्च शिक्षा की पसंदीदा मंजिल तक आसानी से पहुंचेंगे।

डीफावो के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पॉल क्वाल्हेम ने कम्पनी का दृष्टिकोण सामने रखते हुए कहा, ‘‘सभी के बेहतर भविष्य के लिए संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में एक उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सभी के लिए सुलभ करना है। डीफावो में हम ने बहुत-से विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सफल बनाया है जिससे हम उत्साहित हैं और गर्व महसूस करते हैं। व्यक्ति और पूरे समाज दोनों के बेहतर भविष्य का प्रवेशद्वार अच्छी शिक्षा है। डीफावो का मकसद विद्यार्थियों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। इसके लिए हर मुमकिन सुविधा और सुरक्षा प्रदान करना है। भारत हमारे लिए घरेलू बाजार की तरह है क्योंकि हम ने इसी देश से हमारी सेवा शुरू की और यहीं हमारी शानदार टीम के अधिक लोग कार्यरत हैं।’’

अगले कुछ महीनों में भारत में डीफावो के मुख्य लक्ष्यः

• विदेश में कहीं भी पढ़ने के इच्छुक भारतीय विद्यार्थियों को सहायता देते हुए सेवा का विस्तार करना

• राजेगार के अवसर और कार्यबल में सामाजिक समानता बढ़ाने के साथ भारतीय कारोबार का विस्तार

• डीफावो को भारत में कार्य करने की पसंदीदा जगह की पहचान और प्रतिष्ठा दिलाना

• सेवा प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के माध्यम से आधुनिक भारत के आर्थिक विकास में योगदान देना

डीफावो के नैतिक दिशानिर्देश में सर्वोपरि विद्यार्थियों की जरूरतों पर ध्यान देना है और ये पूरे संगठन और सभी चैनल पार्टनरों के लिए मुख्य दिशानिर्देश हैं। डीफावो सुलभ डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ उच्च स्तरीय मानव सेवा का तालमेल है। सीधे इस सेवा के उपयोग के लिए साइन-अप करने पर विद्यार्थियों के पढ़ाई शुरू करने के समय स्काॅलरशिप की गारंटी दी जाती है।

विदेश में पढ़ने में सहायक अन्य प्लेटफार्मों के बीच डीफावो की खास पहचान होने के कई अहम पहलू हैं जैसे:

• आवेदन प्रक्रिया के हर चरण में व्यक्तिगत संपर्क होता है जिसमें विद्यार्थी की जरूरतों को सर्वोपरि रखा जाता है

• विद्यार्थी सीधे इस प्लैटफाॅर्म पर ओवदन कर सकते हैं या इसमें किसी विश्वसनीय लोकल पार्टनर की मदद ले सकते हैं

• डीफावो सीधे विविश्वविद्यालय प्रशिक्षण से संपर्कित कर देती है जो आमतौर पर व्यक्तिगत सलाहकार नहीं दे सकते हैं

• इस प्लेटफार्म से विभिन्न विश्वविद्यालय के आॅफर जल्दी आते हैं और विदेशों में नामांकन की पुष्टि भी जल्दी होती है

डीफावो के साथ काम करने के बारे में श्री ए. मुन्सिफ, प्रबंध निदेशक, ग्लोबल गाइडेंस, श्रीलंका ने अपना अनुभव बताया, ‘‘डीफावो केवल एक प्लेटफार्म नहीं है बल्कि संपूर्ण कार्यालय है और इसकी समर्पित टीम आपकी सुविधा और आपकी सफलता के लिए काम करती है।‘‘

श्री बिक्रम चभल, केबीसी इंटरनेशनल, पंजाब ने कहा, ‘‘इस एक प्लेटफॉर्म पर चैनल पार्टनरों को कोर्स के बारे में सलाह, आवेदन, वीजा फाइल करने से लेकर कमीशन तक सभी सेवाएं उपलब्ध हैं।‘‘

इसी सिलसिले में ऑप्टिमस ओवरसीज, गुजरात के सीईओ, श्री दीपक प्रजापति ने कहा, ‘‘यह एक बेजोड़ प्लेटफार्म है। इसके नेटवर्क में पूरी दुनिया के प्रसिद्ध और उच्च रैंक वाले विश्वविद्यालय और शिक्षा प्रदाता शामिल हैं।‘‘

डीफावो का परिचय

डीफावो उच्च शिक्षा सेवा के लिए नॉर्वे का ऑनलाइन पोर्टल है। यह विश्वव्यापी है और भारत के प्रति समर्पित सेवा संगठन है। इस प्लेटफॉर्म पर विदेश में पढ़ने की जानकारी ढूंढ़ने, आवेदन करने, प्रवेश और वीजा की प्रक्रिया आसान कर दी गई है। यह ऑनलाइन प्लेटफार्म अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों, रिक्रूटमेंट पार्टनरों और शिक्षा संस्थानों के बीच संपर्क का काम करता है।

संस्थापकों का परिचय

श्री हरिंदर औलख: सीओओ और संस्थापक, एमएससी मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एमबीए, भारत में जन्मे नॉर्वे वासी ने लगभग 20 वर्षों तक तेल और गैस उद्योग में काम करने के बाद ऐसा प्लेटफार्म बनाने का निर्णय लिया जो पूरी दुनिया के विद्यार्थियों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करना आसान बनाए।

श्री पॉल क्वाल्हेम: सीईओ और सह-संस्थापक, एम.ए. राजनीति विज्ञान और एमबीए., एक सफल उद्यमी और ‘सास टेक्नोलॉजी’ के पूर्व अधिकारी जो पूरी दुनिया के विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सफल बनाने का जुनून रखते हैं।

Posted By: Arvind Dubey