नई दिल्ली। PG Medical Admission: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्नातकोत्तर पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों (PG Medical course) में एडमिशन को लेकर अहम निर्देश जारी किए। सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) को अगले अकादमिक वर्ष से स्नातकोत्तर पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों (PG Medical course) में एडमिशन के लिए एक साझा या एकल ऑनलाइन काउंसलिंग पर विचार करना चाहिए। इस साझा काउंसलिंग का उद्देश्य देश में मेडिकल के डिग्री और डिप्लोमा तथा डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) पाठ्यक्रमों में दाखिले की जानकारी देना है।

एनबीई नीट पीजी (स्नात्कोत्तर के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश जांच परीक्षा) का आयोजन करता है। हालांकि जस्टिस यूयू ललित और दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने एनबीई को मौजूदा अकादमिक वर्ष में साझा काउंसलिंग के लिए आदेश देने से इंकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा चूंकि याचिकाकर्ताओं ने ऐसे समय में अदालत का दरवाजा खटखटाया है जब प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और कई उम्मीदवारों को काउंसलिंग में विभिन्न पाठ्यक्रम भी आवंटित कर दिए गए हैं। ऐसी स्थिति में हम वर्तमान वर्ष के लिए कोई भी निर्देश देना उपयुक्त नहीं समझते हैं। हालांकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से दिए जवाब में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में एक सामान्य काउंसलिंग या एकल ऑनलाइन काउंसलिंग का ध्यान रखा जाएगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि हम यह देख सकते हैं कि आने वाले वर्षों में एक सामान्य काउंसलिंग या एकल ऑनलाइन काउंसलिंग निश्चित की जाए।

बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है जो चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्थापित किया गया है। एनबीई स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टरल परीक्षाओं का आयोजन करता है। NBE द्वारा प्रदान की गई डिग्री को डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) कहा जाता है।

बता दें कि डीएनबी एक स्नातकोत्तर या पोस्टडॉक्टोरल डिप्लोमा है जिसमें प्रशिक्षण 3 साल तक रहता है और एफएनबी सब स्पेशिलिटी में एक फेलोशिप है जिसमें प्रशिक्षण 2 साल तक रहता है।

Posted By: Rahul Vavikar

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