नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से 10वीं एवं 12वीं की बची परीक्षाओं के संबंध में जल्द निर्णय लेने के कहा है।न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने बुधवार को सीबीएसई से कहा कि बच्चों के अभिभावकों की चिंता को देखते हुए बची परीक्षाएं रद्द करने और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परीक्षाफल जारी करने के अनुरोध पर वह विचार करें। जस्टिस ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ अमित बाथला के नेतृत्व में अभिभावकों के एक समूह की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा कि वह इस बारे में विचार करे और मंगलवार तक उसको अपने फैसले से अवगत कराए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीएसई विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक देने के बारे में विचार करे। इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी।

कुछ अभिभावकों ने कोरोना महामारी की खराब स्थिति के चलते सीबीएसई से शेष बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है। गौरतलब है कि सीबीएसई उत्तर पूर्व दिल्ली में हिंसा की वजह से रद्द हुई 10वीं की परीक्षाएं और कोरोना महामारी की वजह से रद्द हुई 12वीं की शेष परीक्षाएं एक से 15 जुलाई तक आयोजित कर रहा है, जिसके खिलाफ अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस समय देशभर में कोरोना का प्रकोप फैला हुआ है। इस वजह से ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना नहीं चाहते हैं। स्वास्थ्य समस्या को देखते हुए भी अभिभावकों ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है।

Posted By: Yogendra Sharma

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