UP Board Result 2020: कोरोना वायरस महामारी के चलते देश में एक बार फिर लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि लॉकडाउन की स्थिति 3 मई तक चलेगी। ऐसे में स्कूली परीक्षाओं और रिजल्ट को लेकर एक बार संशय की स्थिति छा गई है। कुछ बोर्ड उम्मीद कर रहे थे कि 21 दिनों का लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म होकर सामान्य कामकाज शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अब जब लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ गया है, ऐसे में यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर 20 अप्रैल के बाद पर फैसला करेगा। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा करते हुए ये भी कहा था कि देश के जिन इलाकों में कोरोना के मामले नहीं बढ़ेंगे, वहां 20 अप्रैल के बाद सशर्त अनुमति के साथ कुछ रियायतें दी जा सकती है। ऐसे में उत्तरप्रदेश को उम्मीद है कि वहां स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।

ये है सरकार की कोशिश

राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बताया कि हमारा प्रयास स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने पर है, ऐसे में हमें उम्मीद है कि हमारे प्रदेश में जल्द ही जनजीवन सामान्य होगा। हमारा पूरा प्रयास है कि प्रदेश में कोरोना के मामले नहीं बढ़े और हॉटस्पॉट बनने की आशंका ना हो। ऐसे में उन इलाकों में 20 अप्रैल से सशर्त छूट दी जा सकेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार आगे बढ़ रही है और शिक्षा बोर्ड के साथ बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए योजना बना रही है। सरकार 20 अप्रैल के बाद मूल्यांकन को लेकर फैसला कर सकती है।

लेट हुआ रिजल्ट

बता दें कि पहल 21 दिन के लॉकडाउन के कारण मूल्यांकन कार्य रुका और अब लॉकडाउन दोबारा बढ़ने से रिजल्ट में देरी होना तय है। उत्तर प्रदेश में 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) के 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। ये बच्चे रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कॉपियों के मूल्यांकन का काम ही पूरा नहीं हो पाया। पूर्व घोषणा के मुताबिक रिजल्ट 24 अप्रैल तक घोषित होने थे, पर अब मई के अंत में रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है।

एक जुलाई से नया सत्र

इसके अलावा उत्तर प्रदेश बोर्ड का 2020-21 का नया शैक्षणिक सत्र एक जुलाई से शुरू हो सकता है। नया सत्र भी एक अप्रैल से ही शुरू होना था लेकिन लॉकडाउन के कारण ये भी टल गया। फिलहाल जो स्थिति नजर आ रही है, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि नया सत्र एक जुलाई से ही शुरू होगा।

बच्चों को दिया गया प्रमोशन

उत्तर प्रदेश बोर्ड ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए कक्षा छठी से 9वीं और 11वीं के सभी बच्चों को प्रमोशन देते हुए अगली कक्षा में प्रवेश देने का फैसला किया। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी किए। इससे प्रदेश के करीब 70 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और वे बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में पहुंचेंगे। उत्तर प्रदेश में यूपी बोर्ड से संबंद्ध 27 हजार स्कूल हैं, जिनमें 2000 सरकारी और 4500 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं, जबकि बाकी निजी स्कूल हैं।

Posted By: Rahul Vavikar

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