UPSEB Board Exams 2020: उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UPSEB) ने मार्कशीट और रिकॉर्ड में हो रही गलती को सुधारने के लिए छात्र-छात्राओं को एक और मौका दिया है। UPSEB ने इसके लिए अलग से एक विंडो ओपन की है। इस विंडो के जरिए 10वीं और 12वीं के छात्र अपने नाम या अन्य किसी रिकॉर्ड में हुई गलती को ठीक कर सकेंगे। UPSEB की सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा- हमने त्रुटिसुधार के लिए दूसरी बार ऑनलाइन विंडो ओपन की है। ये सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि छात्र-छात्राओं को त्रुटि मुक्त मार्कशीट और सर्टिफिकेट मिले।

बता दें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को अपने रिकॉर्ड की गलतियां सुधारने का अच्छा मौका है।इन छात्रों ने यदि अपने प्रपत्रों में कोई त्रुटि की है या उन्हें अपने ब्लर फोटो बदलने हैं तो वे ऑनलाइन इसे 25 फरवरी तक ठीक कर सकेंगे। बता दें कि पहले इसकी आखिरी तारीख 10 फरवरी थी, लेकिन अब अब इसे बढ़ा दिया गया है।

उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UPSEB) ने इसके लिए अलग से एक विंडो ओपन की है, जिसमें 10वीं और 12वीं के छात्र अपने नाम या अन्य किसी रिकॉर्ड में हुई गलती को ठीक कर सकेंगे। UPSEB की सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा- हमने त्रुटिसुधार के लिए दूसरी बार ऑनलाइन विंडो ओपन की है। ये सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि छात्र-छात्राओं को त्रुटि मुक्त मार्कशीट और सर्टिफिकेट मिले।

बता दें कि इससे पहले UPSEB ने त्रुटिसुधार के लिए 20 अक्टूबर से 16 नवंबर 2019 तक इसी तरह ऑनलाइन विंडो ओपन की थी। अब जिन छात्रों को नाम या अन्य रिकॉर्ड में किसी तरह की गलतियों में सुधार करना हैं वो पहले उसे बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद ये प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। UPSEB की बोर्ड परीक्षाओं को कुछ ही दिन शेष बचे हैं, ऐसे में बोर्ड ने एक बार छात्रों को त्रुटिसुधार का मौका दिया है।

ये बदलाव कर सकेंगे

गौरतलब है कि वर्ष 2020 की परीक्षा के लिए इस बार परीक्षार्थियों का शैक्षणिक विवरण पहली बार अंग्रेजी के साथ ही हिंदी में भी मुद्रित कराया जाना है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक परीक्षार्थी का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, विषय कास्ट कोड, जेंडर कोड, मीडियम कोड और रेगुलेशन कोड में किसी तरह की कोई गलती न हो, इसलिए छात्रों को त्रुटिसुधार का मौका दिया जा रहा है। इसके लिए छात्रों को अपने संबंधित प्रमाण-पत्रों के साथ आना होगा। फिर स्कूल प्रिंसिपल द्वारा वेबसाइट पर जाकर त्रुटिसुधार किया जा सकेगा। यदि इसके बाद भी परीक्षार्थी के विवरणों में त्रुटि रहती है या फिर फोटो ब्लर रहता है तो फिर उस छात्र का रिजल्ट रोक दिया जाएगा और इसके लिए प्रधानाचार्य सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगे।

हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही कवायद

दरअसल ये पूरी कवायद मनीष द्विवेदी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर की जा रही है। मनीष द्विवेदी की मार्कशीट और सर्टिफिकेट में उनका नाम गलत लिखा गया था, जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जब मनीष UPSEB के पास नाम सही कराने के लिए गए तो बोर्ड ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। इसके बाद मनीष ने कोर्ट की शरण ली थी। इसके अलावा इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी बोर्ड को निर्देश दिए कि वो छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में मार्कशीट और प्रमाण पत्र जारी करें।

बता दें कि 2005 में UPSEB ने अंग्रेजी में मार्कशीट और सर्टिफिकेट प्रिंट करने की परंपरा शुरू की और तब से छात्रों को हिन्दी में ये दस्तावेज नहीं मिले। पर अब हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में मार्कशीट और सर्टिफिकेट मिलेंगे।

Posted By: Rahul Vavikar

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