April Fool Day 2021: अप्रैल फूल दिवस को हर साल 1 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन आधिकारिक छुट्टी का दिन नहीं है। इसे ऐसे दिवस के रूप में मनाया जाता है, जब एक-दूसरे के साथ व्यावाहरिक हंसी मजाक और बेवकूफ बनाते हैं। इस दिन को दोस्तों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और साथियों के साथ शरारतपूर्ण हरकत व अन्य मजाक किए जाते हैं। जिनका उद्देश्य सिर्फ बिना किसी नुकसान के मजाक करना है। अप्रैल फूल डे को अलग-अलग देशों में अलग तरीकों से मनाया जाता है। न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में अप्रैल फूल को दोपहर तक मनाया जाता है। जबकि फ्रांस, आयरलैंड, इटली, दक्षिण कोरिया, जापान, रूस, नीदरलैंड, जर्मनी, ब्राजील, कनाडा और अमेरिका में पूरे दिन मूर्ख दिवस मनाया जाता है।

अप्रैल फूल का इतिहास

कुछ लोगों का मानना है कि इंग्लैंड के राजा रिचर्ड-II की एनी से सगाई के कारण अप्रैल फूल दिवस मनाया जाता है। जबकि कई इसे हिलारिया फेस्टिवल भी मानते हैं। मीडिल यूरोप में 25 मार्च को नए साल का उत्सव मनाया जाता है। हालांकि 1852 में पोप ग्रेगरी अष्ठ ने ग्रेगेरियन कैलेंडर की घोषणा की थी। जिसके बाद जनवरी से नए वर्ष की शुरुआत होनी लगी। फ्रांस ने सबसे पहले इस कैलेंडर को स्वीकार किया। लेकिन यूरोप के कई देशों ने इस कैलेंडर को स्वीकार नहीं किया। जिसके कारण नए कैलेंडर के आधार पर न्यू ईयर मनाने वाले लोग पुराने तरीके से अप्रैल में नववर्ष मनाने वाले लोगों को मूर्ख समझने लगे और तब से अप्रैल फूल मनाया जाने लगा।

कुछ प्रसिद्ध मजाकों पर एक नजर

1. साल 1998 में डब्ल्यूएएएफ शॉक जॉक्स ओपी और एंथनी ने बताया कि बोस्टन के मेयर थॉमस मेनिनो एक कार एक्सिडेंट में मारे गए। मेनिनो उस वक्त एक विमान में थे। जिस कारण मजाक पर सबको यकीन हो गया, क्योंकि उनसे संपर्क करना संभव नहीं था। यह अफवाह बहुत तेजी से शहर में फैल गई थी।

2. ब्रिटेन के प्रेजेंटर वेस्ट मिडलैंड्स रेडियो स्टेशन के निक टफी ने खुद को प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर बताकर दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के साथ बातें करने के लिए कॉल किया था। कॉल पूरा होने पर निक ने मंडेला पूछा कि वे अप्रैल फूल डे के लिए क्या कर रहे हैं, तब लाइन डेड हो गई।

3. न्यूजीलैंड में एक रेडियो स्टेशन ने 1 अप्रैल को देश को यह जानकारी देने के लिए पीएम से मदद मांगी कि सेलफोन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इस कानून पर नाराजगी जाहिर करने के लिए कई लोगों ने रेडियो स्टेशन पर फोन किया था।

4.1962 में स्वीडिश नेशनल टेलीविजन ने पांच मिनट का एक स्पेशल कार्यक्रम दिखाया था। जिसमें बताया गया था कि टीवी के सामने एक नायलन मोजा रखने से वह कलर टीवी में बदल जाएगा।

5.साल 2010 में न्यूज पेपर द सन ने अपने नए स्क्रैच एंड स्निफ पेपर के बारे में सादे अखबार का एक सैम्पल देते हुए एक आर्टिकल प्रकाशित किया था। इसके कारण पाठक पेपर को सूंघने लगे थे।

Posted By: Sandeep Chourey

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