National Cancer Awareness Day 2019: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर को भारत में कैंसर, इसके लक्षणों और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस की घोषणा पहली बार सितंबर 2014 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की थी। पहली बार इसे वर्ष 2014 में मनाया गया था। इसकी जागरूकता का उद्देश्य कैंसर के शुरुआती चरणों में ही इसका पता लगाने और उसका समय पर उपचार करने पर केंद्रित है।

WHO के अनुसार साल 2018 में कैंसर ने दुनिया में लगभग 96 लाख जीवन लेने का दावा किया और भारत का हिस्सा लगभग 8.17% था। बता दें कि कैंसर सौ से अधिक प्रकार के होते हैं। जब शरीर में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है तो इससे कैंसर होता है और अन्य ऊतकों पर भी आक्रमण करता है। यह शरीर के लगभग किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि शुरुआत में ही कैंसर को डायग्नोस कर लिया जाए। लेकिन जब तक प्रभावी तरीके से हम यह नहीं बता सकते हैं कि हर प्रकार के कैंसर का कारण क्या होता है, तब तक हम सबसे आम लक्षणों को समझने की कोशिश कर सकते हैं। अगर हम हमारे शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव पर ध्यान देंगे तो कैंसर को लक्षणों को पहचान सकेंगे। यहां ऐसे ही संकेतों के बारे में बताया है जो शरीर हमें देता है।

सोते समय पसीना निकलना

पसीना निकलना आम बात है और अच्छी बात है लेकिन यदि रात में सोते वक्त पसीना ज्यादा आता है, तो यह किसी दवा के शरीर में रिएक्शन या शरीर के अंदर किसी इंफेक्शन का संकेत है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी हुई है और पसीना ज्यादा निकल रहा है तो चिकित्सक से जरूर बात करें।

बदन दर्द

लगातार पीठ में दर्द हो रहा हो, तो यह कोलोरेक्‍टल या प्रोस्‍टेट कैंसर का कारण हो सकता है। इसमें कमर के आस-पास की मांसपेशियों में भी दर्द होता है। बेवजह थकान महसूस हो रही है, तो यह भी कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

वजन घटना

बेवजह वजन घटना अच्छे संकेत नहीं है। यह कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है। भूख कम लगना, ज्यादा खाना न खा पाना भी इसके लक्षण है। यदि बिना किसी कोशिश के शरीर का वजन चार-पांच किलो से ज्यादा कम हो जाए, तो इसे कैंसर के प्राथमिक लक्षण हो सकता है।

आंतों को नजरअंदाज न करें

कई बार हम पेट की समस्या को सामान्य मान लेते हैं। पेट में गैस या पेट में दर्द की समस्या जरूरी नहीं कि सामान्य कारणों से हो। आंतों में सामान्‍य समस्‍या होना बड़ी बात नहीं, लेकिन अगर लगातार आंतों में समस्‍या है तो यह कोलेन या कोलोरेक्‍टल कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। डायरिया और अपच की समस्‍या इसका लक्षण हैं।

मलाशय से खून बहना

अगर कैंसर की संभावना है तो मलाशय के द्वारा खून बाहर निकलता है। इस तरह लगातार खून का बहना भी कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। य‍ह कोलेन कैंसर का लक्षण है। मल-मूत्र त्यागने के समय अगर तकलीफ होती है या मूत्र में खून की मौजूदगी पाई जाती हो तो ये प्रोस्टेट कैंसर या डिम्बग्रंथि कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। महिलाओं में अगर मासिक चक्र के बाद भी रक्त स्राव नहीं रुकता है, तो चिंता का विषय है।

खांसी का लगातार आना

बिना किसी कारण से लगातार खांसी आये तो यह लंग कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। कोल्‍ड और फ्लू के अलावा धूम्रपान करने वालों को खांसी आना आम बात हैं लेकिन खांसी के साथ खून भी आए, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। गले में तकलीफ हो या खाना निगलने में दिक्कत महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

सीने में जलन होना

सीने में जलन होना बहुत बड़ी बात नहीं लगती। अपच भी आम समस्या हैं। यह तब होता है जब ज्यादा खाना या मसालेदार खाना खा लिया जाए। लेकिन लगातार सीने में जलन और अपच की शिकायत हो तो ये लक्षण चिंता का कारण बन जाते हैं।

Posted By: Sonal Sharma