Cancer हमेशा जेनेटिक नहीं होता है और इनसे होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा प्रतिशत खराब लाइफ स्टाइल है। Cancer से होने वाली लगभग 40 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है अगर व्यक्ति अपवी लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव कर लें। खराब डाइट, ओवरवेट होना, स्मोकिंग, यूवी किरणें, इंफेक्शन और हार्मोन संबंधी कारणों से कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। हम खुद रोजाना ऐसी चीजें करते हैं जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। ऐसी तीन चीजों के बारे में यहां बता रहे हैं जिनसे दूरी बना लें तो बीमारी से बचने की संभावना ज्यादा होती है। ।

अगरबत्ती

भले ही अगरबत्ती की खुश्बू आपको लुभाती हो और पूजा-पाठ इसके बिना न होता हो, लेकिन अगरबत्ती के धुएं के ज्यादा संपर्क में आने से कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। वैज्ञानिकों द्वारा किए एक रिसर्च की रिपोर्ट में सामने आया कि अगरबत्ती के धुएं के साथ कुछ बारीक कण निकलते हैं। ये कण हवा में मिल जाते हैं। निकलने वाले जहरीले कण शरीर की कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं। इसके धुएं में तीन तरह से विशेष तत्व होते हैं। यही विषैले तत्व म्यूटाजेनिक, जीनोटॉक्सिक और साइटोटॉक्सिक इस बीमारी के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। जेनेटिक म्यूटेशन से व्यक्ति के डीएनए में परिवर्तन हो सकता है। यह हमारे फेफड़ों में जलन, उत्तेजना और विभिन्न तरह की विकृतियां पैदा कर देता है।

मॉस्किटो कॉइल्स

मच्छरों को भगाने के लिए इन्हें मारने की दवाईयां या कॉइल्स इस्तेमाल की जाती है। बता दें कि इन मच्छर मारने वाली दवाईयों में काफी केमिकल मिलाए जाते हैं। मॉस्किटो कॉइल्स से भले ही कुछ देर के लिए मच्छर भाग जाए लेकिन इससे व्यक्ति को जरूर दुष्प्रभाव होता है।

डिस्पोजल कप:

आजकल प्लास्टिक या पेपर कप में चाय-कॉफी पीने का खूब ट्रेंड है लेकिन बता दें कि इन्हें आप भले ही सुरक्षित मान रहे हो लेकिन इनका इस्तेमाल खतरनाक है। ये डिस्पोजल कप स्वास्थ्य के लिए बिलकुल सही नहीं है और 52 प्रकार के कैंसर का कारण हो सकते हैं। बता दें कि पेपर कप भी कम खतरनाक नहीं है। वास्तव में कप से रिसाव को रोकने के लिए कपों को वैक्स की पतली परत लगाई जाती है। इसमें गर्म चाय या कॉफी डालते हैं तो इन डिस्पोजल कपों से कुछ वैक्स भी साथ पी जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।

Posted By: Sonal Sharma