Tattoo Risks: दिखने में बहुत सुंदर त्वचा पर बने टैटू से कुछ रिस्क भी जुड़ी हुई है। खासकर अगर आप पहले से किसी त्वचा रोग से ग्रसित हों तो। उदाहरण के लिए एक्जिमा जैसी स्थितियों में टैटू को अपनाना। इससे कई बार समस्या और भी बिगड़ कर सामने आ सकती है। यहां जानिए :

Tattoos Risks: संवेदनशील त्वचा

बात केवल त्वचा रोगों की ही नहीं है। किसी व्यक्ति की संवेदनशील त्वचा भी टैटू करवाने पर और मुश्किल पैदा

कर सकती है। टैटू बनने पर हर व्यक्ति में कुछ साइड इफेक्ट्‌स के उभरने की आशंका होती है। ऐसे में यदि त्वचा

रोग हों या त्वचा संवेदनशील हो, इन साइड इफेक्ट्‌स का होना तकलीफ को बढ़ा सकता है। ऐसे कुछ साइड इफेक्ट्‌स में शामिल हैं -

- खुजली का बढ़ जाना

- संक्रमण

- एक्जिमा भड़कना, लाली और खुजली का बढ़ जाना

- हायपर होमा या हायपो पिग्मेंटेशन होना

- टैटू की स्याही की वजह से एलर्जिक रिएक्शन होना

- टैटू की वजह से घाव बना रह जाना

- केलॉइड्‌स का हो जाना

Tattoos Risks: रहिए सतर्क

त्वचा पर एक्जिमा या सोरायसिस जैसी स्थितियों का होना पहले से ही त्वचा को और नाजुक बना चुका होता है। ऐसे में अगर कोई पुराने एक्जीमा के घाव या दाग को ढंकने के हिसाब से टैटू करवाता है तो समस्या और भी गंभीर हो सकती है। इस स्थिति में साइड इफेक्ट्‌स अधिक तीव्रता से उभरने की आशंका हो सकती है।

जरूरी है कि टैटू करवाने के पहले सतर्क रहा जाए। यह भी ध्यान रखने लायक बात है कि बड़े और प्रशिक्षित टैटू आर्टिस्ट के पास संवेदनशील त्वचा के हिसाब से अलग स्याही और औजार होते हैं तथा वे पूरी जानकारी लेने के बाद ही टैटू बनाते हैं। तो अगर आप त्वचा संबंधी किसी ऐसी स्थिति से गुजर रहे हैं तो आवश्यक है कि पहले पूरी जानकारी लें फिर ही कदम आगे बढ़ाएं।