इस तरह फैला टिक-टोक का कारोबार

-* एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 के शुरुआती तीन महीनों में टिक टॉक प्लेटफॉर्म पर 9 करोड़ नए भारतीय यूजर जुड़े। वहीं ऐप को दुनियाभर में करीब 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

-* टिक-टॉक ऐसा एप है जिसमें यूजर्स छोटे-छोटे वीडियो बनाकर शेयर करते हैं। भारत में बीते कुछ वर्षों से से टिक-टॉक का क्रेज काफी बढ़ गया है। यूजर्स गाने, फिल्मी डायलॉग्स जैसी चीजों की वीडियो बनाकर शेयर करते हैं। टिक-टॉक के जरिए लोग पैसे तक कमाने लगे हैं। पहले यही प्लेटफॉर्म 'म्यूजिकली'के नाम से चर्चित था लेकिन बाद में इसका नाम टिक-टॉक कर दिया गया।

-* यह एप 2016 में लॉन्च किया गया था लेकिन 2018 में एकदम से लोकप्रिय हो गया। अक्टूबर 2018 में टिक-टॉक अमेरिका में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला एप बन गया।

क्या इसके लिए दोष टिक-टॉक को?

- कुछ समय पहले 19 साल के एक लड़के मोहम्मद सलमान की गोली लगने से मौत हो गई। घटना यूं थी कि सलमान का दोस्त सुहैल मलिक देसी पिस्तौल के साथ टिक-टॉक वीडियो बना रहा था और गलती से सलमान पर गोली चल गई। रिपोर्ट्‌स के अनुसार, ये हादसा 13 अप्रैल 2019 को हुआ। इसके बाद से टिक-टॉक को लेकर लोगों में आक्रोश काफी बढ़ गया।

-फरवरी महीने में आई खबर के मुताबिक तमिलनाडु में तीन दोस्त स्कूटर चलाते समय टिक-टॉक वीडियो बना रहे थे और इसी दौरान बस से उनकी टक्कर हो गई, जिसमें एक की मौत हो गई।

- पंजाब में एक लड़के की टिक-टॉक वीडियो बनाते समय तब मौत हो गई जबकि वह टिक-टॉक वीडियो के लिए चलते ट्रैक्टर पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अचानक उसका पैर फिसल गया और वह ट्रैक्टर के नीचे आ गया जिसवजह से उसकी मौत हो गई।

- चेन्नई में एक युवक इस एप पर वीडियो बना रहा था और गलती से उसने अपना गला ही काट लिया। खबरों के मुताबिक लड़का एक वीडियो बना रहा था जिसमें उसे सिर्फ अभिनय करना था कि वह अपना गला काट रहा है, लेकिन सच मे गला कट गया और यह सब वीडियो में रिकॉर्ड भी हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि वह लड़का खून रोकने की कोशिश कर रहा है और उसने रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश भी की, लेकिन गला कटने की वजह से अंत में उसकी मृत्यु हो गई।

80 प्रतिशत युवा बैन के पक्ष में

चाइनीज वीडियो एप 'टिक-टॉक' भारत में लोकप्रिय तो हुआ है लेकिन कई युवा इस पर पाबंदी के पक्ष में दिखाई देते हैं। न्यूज एप 'इनशॉर्ट्‌स' का हाल ही में किया गया एक सर्वे बताता है कि 10 में से 8 युवा चाहते हैं कि इस एप को बैन कर दिया जाए।

सर्वे में 18 से 35 साल के युवाओं से उनका नजरिया मांगा गया था। टियर-1 और टियर-2 शहरों के 30,000 लोगों के बीच यह सर्वे किया गया था। इनमें से 80 फीसदी युवाओं ने कहा कि टिक-टॉक को बैन कर देना चाहिए, वहीं 20 प्रतिशत ऐसे भी थे, जो इस एप के सपोर्ट में थे।

Posted By: Navodit Saktawat

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