Urinary incontinence in women: उम्रदराज हो रही महिलाओं को अक्सर अनचाहे मूत्रत्याग की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार हंसने और खांसने पर भी मूत्र की चंद बूंदें टपक जाती हैं। इसे लेकर महिलाएं अक्सर तनावग्रस्त हो जाती हैं। इस समस्या का योगाभ्यास द्वारा समाधान हो सकता है। कई बच्चों को जन्म देने वाली माताएं जननांगों के ढीले होने की समस्या पर ध्यान ही नहीं देती हैं।

शिशु को जन्म देने के दौरान कुछ अंगों पर बहुत खिंचाव पड़ता है। मूत्राशय, मूत्र नली तथा उससे संबंधित प्रणाली में दोष उत्पन्ना हो जाते हैं। यदि इन अंगों को पुनः पूर्वावस्था में लाने के उपाय न हों तो वे ढीले ही रह जाते हैं। योगाभ्यास से शारीरिक सौंदर्य तो सुरक्षित रहता ही है, साथ ही शिशु जन्म से होने वाली क्षति भी बहुत हद तक कम होती है। शिथिल हो चुके अंगों को भी कसावट प्रदान की जा सकती है।

कब से शुरू करें योगाभ्यास

शिशु जन्म के तुरंत बाद से ही आसन शुरू न कर दें। थोड़ा समय विश्राम करें और फिर किसी दक्ष योग प्रशिक्षक के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रसव के 40 दिन बाद योगाभ्यास शुरू करें। इससे पहले न तो शरीर ही कसरत के योग्य होता है और न कसरत का कोई फायदा मिल पाता है।

क्या हो सकती है आसनों की श्रृंखला

- योगाभ्यास शुरू करने से पहले मानसिक तैयारी करें।

- सूर्य नमस्कारःएक चक्र से प्रारंभ करें। फिर धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 12 चक्र प्रतिदिन सूर्योदय के समय करें। सूर्य नमस्कार की विधि का प्रशिक्षण किसी दक्ष योगाभ्यासी के मार्ग दर्शन में लें।

- आसनः शक्ति बंध समूह के आसनव्याघ्रासन, धनुरासन, शशांकभुजंगासन, भुंजगासन, धनुरासन, चक्रासन, अर्ध पश्चिमोत्तानासन, वातायनासन, सर्वांगासन थोड़े-थोड़े अंतराल से करें। याद रखें कि आसनों को सिद्ध करते समय पूर्ण मुद्रा में पहुंचकर वहीं रुकने का अभ्यास भी करना है।

- प्राणायामः नाड़ी शोधन प्राणायाम एवं भस्त्रिका प्राणायाम करें।

इन्हें बिलकुल न भूल

योगाभ्यास शुरू करने से पहले मन और श्वांस पर नियंत्रण करलें। योगाभ्यास पूरा करने के बाद शिथिलीकरण वाले सभी अभ्यास जरूर करें। इससे शरीर को पुनः ऊर्जा प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

शिथिलीकरणः योगनिद्रा प्रतिदिन दोपहर में या सोने से पहले करें। योगनिद्रा की सीडी अथवा यूट्‌यूब पर आ रहे संगीत को ध्यान से सुनें। इससे मन और शरीर दोनों का तनाव कम होगा और मजबूती मिलेग

भोजन हल्का और शाकाहारी होना चाहिए, जिसमें प्रोटीन कम होने के साथ-साथ उत्तेजक मसाले भी कम हों।

प्रोसेस्ड फूड जैसे मैदा, शकर और मसाले इत्यादि न लें।

Posted By: Sonal Sharma

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