बचपन के दिन मौज-मस्ती और शैतानी वाले होते हैं। इन्हीं दिनों में शरीर का विकास भी होता है, इसलिए बच्चों के खानपान पर समुचित ध्यान देना बहुत जरूरी हो जाता है। मौसम में जब बदलाव हो रहे हों तब इस संदर्भ में अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

खासकर बारिश में जब खाद्य पदार्थों से संक्रमण के कारण सबसे ज्यादा समस्याएं पैदा होती हैं। कारण है इस मौसम में चटपटा, तला-भुना फास्ट फूड खाने के लिए बच्चों का ज्यादा मन होना। अक्सर बच्चे स्कूल जाने से पहले नाश्ता नहीं करते और स्कूल जाकर कैंटीन में दावत उड़ाते हैं। यह वैसे भी कोई अच्छी बात नहीं है, ऊपर से बारिश की घिच-पिच ऐसे में तमाम किस्म के इंफेक्शन को सीधा बुलावा देती है।

नाश्ता तो करना ही है

चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. आरसी गुप्ता बताते हैं कि मौसम कोई भी हो, बच्चों को सुबह का नाश्ता करने के लिए अवश्य "ङोत्साहित करें। ज्यादातर बच्चे स्कूल जाने से पहले अच्छी तरह नाश्ता नहीं करते। यह सेहत के लिए बुरी बात है।

बच्चे को दिन में तीन मुख्य आहार और दो से तीन बार स्नैक्स जरूर देने चाहिए। स्नैक्स का सबसे अच्छा विकल्प फल और ड्राई फ्रूट्स हो सकते हैं जबकि इन दिनों माएं बच्चों को खुश करने के लिए जंक फूड और फास्ट फूड देकर जिम्मेदारी पूरी कर लेती हैं।

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