यदि आप किसी ऐसे इलाके में रहते हैं जहां पर वायु प्रदूषण की अधिकता है एवं आपके घर पर छोटे बच्‍चे हैं तो संभल जाइये। वायु प्रदूषण बच्‍चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। उनके दिमागी स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी यह घातक साबित हो सकता है। यह खुलासा एक नए शोध में किया गया है। इसके अनुसार प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण हम कई तरह की बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं। यहां तक कि कई बार जान भी चली जाती है। अध्ययन में पाया गया कि वायु प्रदूषण के कारण बच्चों का मस्तिष्क विकास प्रभावित हो सकता है।

घर में अगर प्रदूषण को कम करने वाला पोर्टेबल एयर क्लीनर लगा हो, तो बच्चों के मस्तिष्क के विकास पर वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। वायु प्रदूषण विश्वभर में लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। अपने तरह के पहले अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण को कम करने से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास पर असर कम हो जाता है।

शोध निष्कर्ष एनवायरमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अमेरिकी और मंगोलियाई विज्ञानियों के सहयोग से गर्भावस्था के दौरान वायु प्रदूषण के जोखिम को कम करने के लिए एयर फिल्टर का उपयोग करने के लाभों का अध्ययन किया।

बच्चों की बुद्धि पर प्रभाव का आकलन किया। साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी आफ हेल्थ साइंस में प्रोफेसर रेयान एलेन के अनुसार, "यह अध्ययन साक्ष्यों के आधार पर साबित करता है कि वायु प्रदूषण मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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