Balance Diet: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की चपेट में आए कई लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। संक्रमण की चपेट में आने के बाद कई लोगों को कमजोरी, जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, भूख नहीं लगना, लंबे वक्त तक गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसकी वजह यह है कि संक्रमण के कारण मसल्स टीशु का क्षय होता है, जिससे कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित मात्रा में सेवन स्वास्थ्य लाभ दे सकता है।

आहार व पोषण विशेषज्ञ डा. मुनीरा हुसैन के अनुसार मसल्स टिशु के क्षय होने से कमजोरी तो आती ही है साथ ही मसल्स लास से शरीर को कैलि्शयम की भी आवश्यकता अधिक महसूस होती है। जब इसकी पूर्ति नहीं होती तो जोड़ों में दर्द होता है। कमजोरी या बीमारी के भय से लोग शारीरिक श्रम करने घर से बाहर नहीं निकलते इस वजह से भूख भी कम हो जाती है। शारीरिक श्रम नहीं करने से अपच, कब्ज या पेट से संबंधित समस्याएं भी होती हैं। आहार के साथ व्यायाम के तालमेल से बेहतर स्वास्थ्य पाया जा सकता है। इस मौसम में गले में खराश या खांसी होने पर शकर का सेवन नहीं करें और मौसमी फल खाएं जिससे विटामिन सी और अन्य पोषक तत्व मिलेंगे। यदि शकरयुक्त खाद्य पदार्थ खाएं हैं तो बाद में गर्म पानी के गरारे करें।

शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए शरीर के वजन अनुसार प्रतिकिलो पर प्रतिग्राम प्रोटीन लें। प्रोटीन की पूर्ति से सिर दर्द, कमजोरी भी नहीं लगेगी। दूध, दूध से बने पदार्थ, दालें, मूंगफली, बादाम, अंडे से प्रोटीन की पूर्ति की जा सकती है। कैलि्शयम की कमी दूर करने के लिए दूध और दूध से बने पदार्थ खाएं। इससे कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भी मिलेगा। सेवफल, पपीता, बाबूगोशा, चीकू का सेवन फायदेमंद होगा। इससे विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे। जिन्हें भूख नहीं लगती हो तो शारीरिक श्रम करें और आहार में ऐसे पदार्थों को शामिल करें जिसमें पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में हों ताकि कम खाने पर भी पूर्ति हो सके। भोजन से पहले सूप, पापड़ या सलाद खाएं इससे भूख लगेगी।

Posted By: Sameer Deshpande

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