प्रोसेस्ड फूड और समस्या इस तरह का भोजन, जो कि आजकल बहुत चलन में है, पेट में ठीक उस जगह पर सूजन पैदा कर सकता है जहां भोजन का अवशोषण होता है। पेट इस तरह के भोजन को पहचान नहीं पाता और अक्सर इसे एक इंफेक्शन या दुश्मन समझकर इस पर हमला कर देता है। सूजन इसी वजह से पैदा होती है। इसलिए यदि इस तरह के भोजन के बाद पेट में दर्द, असहजता या कोई अन्य तकलीफ होती है तो अपनी डाइट को सबसे पहले सुधारें। अपने भोजन में फल-सब्जियों, अनाज आदि को शामिल करें। हो सकता है इन सब चीजों का पालन करते हुए आपको अपनी सेहत में कुछ सुधार ही महसूस हो।

बीमार महसूस करना जब आपके भोजन के साथ किसी भी प्रकार का असंतुलन पैदा होता है, जैसे ठीक मात्रा में पोषक तत्वों का न मिलना, समय-असमय भोजन करना या भोजन के तरीकों में बदलाव लाना, गरिष्ठ खाना, आदि। तो पेट के साथ-साथ दिमाग पर भी इसका असर पहुंचता है।

असल में करीब 95 प्रतिशत सेरोटोनिन यानी खुशीका हार्मोन छोटी आंत में बनता है। पेट में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इस हार्मोन का स्तर गिरने लगता है। फलस्वरूप एंग्जायटी, थकान, चिड़चिड़ाहट, दुख, एनर्जी में कमी, डिप्रेशन जैसी स्थितियां बनने लगती हैं। ये लक्षण दिखाई देने पर पहले अपने खान-पान की जांच करें और स्वास्थ्य के लिहाज से उसमें बदलाव लाएं।

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Posted By: Navodit Saktawat

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