डॉ. तरुण भरद्वाज गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट, भोपाल

पेट हमारे शरीर का एक अहम अंग है। इससे जुड़ी सावधानियों को यदि हमने नजर अंदाज कर दिया तो हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दुरुस्त सेहत का मतलब है पूरे शरीर की कार्यप्रणाली का सुचारू रहना। यह एक तथ्यात्मक बात है कि शरीर खुद ही किसी भी अव्यवस्था का संकेत देना शुरू करता है, लेकिन अक्सर लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं। अगर शरीर के इन संकेतों को समझ लिया जाए तो कई गंभीर बीमारियों का इलाज समय रहते हो सकता है। जानिए इसी क्रम में कैसे पेट देता है समस्या के संकेत।

शरीर का असलीमैनेजर विज्ञान के लिहाज से देखा जाए तो मनुष्य का पेट वह स्थान है जो शरीर को ऊर्जा और पोषण देने के साथ ही हार्मोन्स का संतुलन बनाए रखने, त्वचा तथा दिमाग के स्वास्थ्य को बनाए रखने, गंदगी को शरीर से बाहर करने और पूरे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी उठाता है।

इनमें साधारण पेटदर्द से लेकर जी घबराना, जलन या एसिडिटी, पेट का फूलना, त्वचा पर चकत्ते उभरना, उलटी, दस्त या कब्ज होना, सिरदर्द, चक्कर आना, शौच में अनियमितता आदि शामिल हैं। अधिकांशतः इन लक्षणों को लेकर लोग घरेलू उपायों पर विश्वास करते हैं।

कई बार साधारण समस्या इन उपायों सेठीक भी हो जाती है लेकिन यदि समस्या बार-बार उभर रही है या 1-2 दिन में भी साधारण उपायों से ठीक नहीं हो रही है तो बिना देर किये डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। यह मामला केवल पेट से ही नहीं बल्कि पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ा हो सकता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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