Magnesium Deficiency: शरीर में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जिनकी बहुत कम मात्रा में जरुरत होती है, लेकिन अगर उनकी कमी हुई, तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विशेषज्ञ हमेशा हेल्दी और बैलेंस डायट लेने की सलाह देते हैं। दूसरी ओर आजकल अनहेल्दी खान-पान और लाइफस्टाइल की वजह से शरीर में तरह-तरह की बीमारियां पनप रही है। इनमें से सबसे तेजी से डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का ग्राफ बढ़ा है। ये दोनों ही बीमारियां हैं, हमारे लाइफस्टाइल और खाने-पीने की आदतों से जुड़ी हैं और बेहद खतरनाक हैं। ताजा शोध में पता चला है कि शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो, तो डायबिटीज का लेवल ज्यादा ऊपर बढ़ता है।

कितना जरुरी है मैग्नीशियम?

स्वस्थ शरीर के लिए जरुरी कई पोषक तत्वों में एक है, मैग्नीशियम। यह शरीर में कई तरह के केमिकल रिएक्शंस को कंट्रोल करने में प्रमुख भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम की कमी से डायबिटीज के अलावा हार्ट की बीमारी, कमजोरी, थकान, हांफना जैसी परेशानियां बढ़ती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इसकी कमी से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं इसकी कमी से कई बार मानसिक स्थिति बिगड़ने की संभावना भी बनती है। मैग्नीशियम की कमी से हड्डियां भी कमजोर होने लगती है जिससे फ्रैक्चर की आशंका बढ़ जाती है।

जानिए इसकी कमी के लक्षण

  • ब्लड प्रेशर का तेजी से बढ़ना
  • चिंता, तनाव और डिप्रेशन जैसी परेशानियां
  • हार्ट रेट का सामान्य से अधिक रहना
  • मांसपेशियों में अकड़न बने रहना
  • बहुत जल्दी थकान हो जाना
  • सांस संबंधी दिक्कतें, सांस फूलना, हांफना आदि

कैसे पूरी करें कमी?

शरीर में मैग्नीशियम की कमी को अपने खान-पान में सुधार के जरिए पूरा किया जा सकता है। उदाहरण के लिए केला और एवोकाडो में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अगर आपको ड्राई फ्रूट्स पसंद हैं तो बादाम, काजू, ब्राजील नट्स, मुनक्का, अंजीर और छुहारा का सेवन करें। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे साग, पालक, मेथी, शलजम, दाल और फलियों में भी मैग्नीशियम की उच्च मात्रा होती है।

Posted By: Shailendra Kumar

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