Health Tips: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। भस्त्रिका प्राणायाम फेफड़ों के साथ आंख, कान और नाक के स्वस्‍थ रहता है। इस प्राणायाम से पाचन संस्थान, लीवर और किडनी की भी एक्सरसाइज हो जाती है। साथ ही मोटापा, दमा, टीबी और सांसों से जुड़े रोग दूर हो जाते हैं। मसल से जुड़े किसी भी रोग भी भस्त्रिका प्राणायाम को लाभकारी माना गया है।

योग विशेषज्ञों ने बताया कि शरीर के तीन दोष यानी वात, पित्त और कफ से राहत दिलाने में भस्त्रिका प्राणायाम के फायदे होते हैं। शरीर में कफ, पित्त और वात के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है। इन तीनों के संतुलित रहने पर व्यक्ति रोगों से बचा रहता है। इसके लिए भस्त्रिका प्राणायाम करना जरूरी है। क्योंकि यह तीनों दोषों को संतुलित करता है। इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रहता है। भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ में रक्तचाप नियंत्रित रखना भी शामिल है। धीमी श्वास गति के साथ भस्त्रिका प्राणायाम योग का अभ्यास किया जाना चाहिए। इसका सकारात्मक असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। इससे सिस्टोलिक और डाइस्लोटिक को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

भस्त्रिका प्राणायाम योग हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने का काम करता है। योग को करने से ब्लड प्रेशर कम होता है। हृदय रोग के लिए जिम्मेदार होता है। साथ ही इस योग के दौरान होने वाली श्वसन क्रिया हृदय को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। भस्त्रिका प्राणायाम योग वजन को कम करने में भी मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से फैट बर्न करने में सहायता मिलती है। साथ ही यह योग मोटापा कम करने में मदद करता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि भस्त्रिका प्राणायाम के फायदे में वजन और चर्बी घटाने में सहायक होता है। उच्च रक्तचाप वाले लोग इस प्रणायाम को करने से बचना चाहिए। इससे शरीर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। योग प्रशिक्षक के निर्देशानुसार ही योग अभ्यास करें।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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