जब 31 दिसंबर 2019 को चीन के वुहान में कोविड-19 का पहला मामला सामने आया, तो किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि यह इतना गंभीर हो जाएगा और वैश्विक स्तर पर इसका प्रभाव पड़ेगा। लगभग डेढ़ साल बाद, कोरोनावायरस ने दुनिया भर में लगभग 22 करोड़ लोगों को संक्रमित किया है, जिसके चलते 46 लाख से ज्यादा मौतें हुई हैं। वही देश में 15 सितंबर, 2021 तक 3.33 करोड़ लोग संक्रमित हुए और 4.43 लाख लोगों की जान चली गई।

भारत में महामारी की पहली लहर ने जहां नाजुक स्वास्थ्य प्रणाली को दर्शाया, वहीं दूसरी लहर और भी विनाशकारी थी। अस्पतालों में मरीजों की भरमार थी, जिनमें से कई अपने लिए बिस्तर नहीं ढूंढ पा रहे थे। नतीजतन, कई अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को अस्पतालों में जाने के बजाय घरेलू स्वास्थ्य उपचार का विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया गया।

हालत इतनी गंभीर थी कि फिजियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस आदि जैसे उपचार की आवश्यकता वाले रोगियों को घर पर ही स्वास्थ्य सेवाएं लेनी पड़ती थीं। टेलीमेडिसिन परामर्श भी आम हो गया था।

घरेलू स्वास्थ्य उपचार क्या है?

घरेलू स्वास्थ्य उपचार से मतलब ऐसी चिकित्सा सहायता या उपचार से है जिसे कोई व्यक्ति अस्पताल जाने के बजाय घर पर ले सकता है। वर्तमान में प्रौद्योगिकी प्रगति के साथ रोगी को अस्पताल जाने की आवश्यकता के बिना ही घर पर भी कुछ जटिल चिकित्सा उपचार प्रक्रियाओं का लाभ दिया जाना संभव है।

घरेलू स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल का उत्कृष्ट व किफ़ायती विकल्प है। सेवा व्यक्ति की ज़रूरतों पर आधारित होती है, जैसा कि उसके डॉक्टर द्वारा बताया गया है। इसमें कुशल नर्सों, डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट के दौरे शामिल हो सकते हैं।

इलाज कर रहे डॉक्टर द्वारा वहां सक्रिय उपचार की सलाह दी जाती है जहां मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है वहीं इसे योग्य कर्मियों द्वारा घर पर प्रबंधित किया जा सकता है।

घरेलू स्वास्थ्य उपचार के उदाहरणों में शामिल हैं:

• शारीरिक चोटों के मामले में घाव की देखभाल या ड्रेसिंग - दबाव घावों या सर्जिकल घाव का प्रबंधन

• इंजेक्शन- पैरेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन (इंजेक्शन एडमिन, आईवी /आईएम /एससी)

• डेंगू/मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों का उपचार

• यूरीनरी कैथीटेराइजेशन

• कोविड-19 पॉजिटिव मरीज, चिकित्सकीय रूप से हल्के मामले / पूर्व-लक्षण वाले मामले

• निजी नर्सिंग सेवाएं

• घर पर स्वास्थ्य निगरानी

घरेलू स्वास्थ्य उपचार का लाभ उठाने के कई लाभ हैं। घरेलू स्वास्थ्य उपचारों के महत्व को समझने के लिए, हमें पहले इसके लाभों के बारे में जानना होगा।

1.रोगियों के लिए अधिक स्वतंत्रता

घरेलू स्वास्थ्य उपचार के प्राथमिक लाभों में से एक यह है कि यह रोगियों को अपने घर पर स्वतंत्र रहने की अनुमति देता है, जैसा कि वे अस्पताल में अनुभव नहीं करते हैं। वें अपनी दैनिक दिनचर्या का पालन करने और अपने दैनिक कार्यों को करने में सक्षम होते हैं, जो अस्पताल में संभव नहीं हो सकता है। इस तरह, वे अपने इलाज के कार्यकाल के दौरान भी स्वतंत्र रूप से रह सकते हैं।

2. सुरक्षा, आराम और सुविधा

शोधों से पता चला है कि अस्पताल के बजाय घर पर इलाज किए जाने पर अधिकतम मरीज सुरक्षित और आरामदायक महसूस करते हैं। उन्हें अपने घर के वातावरण की सुविधा और आनंद का फायदा मिलता है। नतीजतन, उनके मन में सामान्य स्थिति की भावना बनी रहती है, जो उनके समग्र कल्याण के लिए आवश्यक है।

3. परिवार और दोस्तों के लिए आसान

घरेलू उपचार से न केवल मरीज को बल्कि उनके परिवार और दोस्तों को भी फायदा होता है। ऐसे रोगियों से मिलना जिनका होमकेयर उपचार चल रहा है, उन्हें अस्पताल जाने की तुलना में कहीं अधिक आसानी होती है, क्योंकि वहां आने के घंटों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अपने प्रियजनों के साथ लगातार बातचीत से इलाज कराने वाले मरीजों का मनोबल बढ़ता है।

4. संक्रमण को रोकता है

बार-बार अस्पताल जाना मरीजों के साथ-साथ उनके साथ जाने वालों के लिए भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे संचारी रोगों या संक्रमण का खतरा होता है। कोविड-19 महामारी ने हमें पहले ही सिखाया है कि वायरल संक्रमण कितना खतरनाक हो सकता है। बार-बार अस्पताल के दौरे के कारण होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए होमकेयर उपचार का विकल्प चुनना एक शानदार तरीका है।

5. लंबे समय तक रोगी देखभाल में वहन योग्य

घरेलू स्वास्थ्य उपचार का विकल्प अस्पताल के बड़े बिलों, कमरे के किराए के शुल्क, डॉक्टर के परामर्श शुल्क आदि खर्चों से बचाता है। घर पर इलाज कराने की कुल लागत अस्पताल में समान उपचार लेने की तुलना में बहुत कम है। लंबे समय तक इलाज के मामले में, रोगी एक बड़ी राशि बचाने में सक्षम होते हैं।

6. 1 नर्स 1 रोगी देखभाल का अनुपात

होमकेयर उपचार को चुनने का एक और उल्लेखनीय लाभ यह है कि मरीज़ एक समर्पित नर्स या मेडिकल स्टाफ के माध्यम से व्यक्तिगत देखभाल प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। वे एक उपचार योजना के साथ आमने-सामने चिकित्सा प्राप्त करने में सक्षम हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त है। यह उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाता है।

7. बुजुर्ग रोगियों के लिए मन की शांति

अध्ययनों के अनुसार देश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी में से लगभग 85त्न अस्पताल जाने के बजाय अपने घरों में इलाज कराना पसंद करते हैं। अपनों के बीच रहने से बुजुर्ग मरीजों को मानसिक शांति मिलती है। यह देखा गया है कि ज्यादातर बुजुर्ग लोग चिकित्सा संस्थान के बजाय अपने परिवार के साथ अपना बुढ़ापा बिताना पसंद करते हैं।

8. घर पर मरीज तेजी से ठीक होते हैं

घर में देखभाल प्राप्त करने वाले रोगी आमतौर पर अधिक जल्दी ठीक हो जाते हैं और इससे अस्पताल में पुन: भर्ती होने की दर कम होती है। ऐसे रोगियों के कम बार पुन: अस्पताल में भर्ती होने से संक्रमण बढऩे के जोखिम में कमी, लंबे समय तक निष्क्रियता के दुष्परिणाम कम होते हैं।

9.परिवहन पर कम निर्भरता

कभी-कभी, एम्बुलेंस या अन्य परिवहन साधनों की अनुपलब्धता रोगी को समय पर अस्पताल पहुंचने से रोक सकती है। होमकेयर उपचार को चुनकर परिवहन पर इस निर्भरता को दूर किया जा सकता है।

घरेलू स्वास्थ्य देखभाल का महत्व

उपरोक्त बिंदु घरेलू स्वास्थ्य उपचार के महत्व पर जोर देते हैं। इसके अलावा, वर्तमान महामारी के दौरान, घरेलू स्वास्थ्य देखभाल स्वास्थ्य सेवा का और भी अधिक अभिन्न अंग बन गया है। संक्रमण बढने के जोखिम, ठीक होने में लगने वाले समय और कम लागत के कारण मरीज अस्पताल जाने के बजाय घरेलू उपचार को प्राथमिकता दे रहे हैं।

स्वास्थ्य बीमा अडंरराईटिंग में परिवर्तन

चूंकि होमकेयर उपचार अधिक लोकप्रिय हो गया है इसलिए यह स्वास्थ्य देखभाल उपचार का एक अनिवार्य हिस्सा बनने की ओर अग्रसर है। ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने इसे अपने मेडिक्लेम प्लान के जरिए कवर करना शुरू कर दिया है। घरेलू उपचार कवर के तहत स्वास्थ्य बीमा योजनाओं द्वारा कवर किए गए कुछ खर्चों में शामिल हैं:

• घर या डायग्नोस्टिक सेंटर पर किए गए डायग्नोस्टिक टेस्ट के लिए शुल्क

• एक चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाएं

• डॉक्टर विजिट शुल्क

• मेडिकल स्टाफ से संबंधित नर्सिंग शुल्क

हालांकि, किसी को यह ध्यान रखना चाहिए कि जो उपचार बाह्य रोगी के आधार पर किए जा सकते हैं, वे घरेलू देखभाल उपचार के दायरे से बाहर हैं।

हेल्थ प्लान खरीदने से पहले, पॉलिसीधारकों को हमेशा पॉलिसी के नियमों और शर्तों को अच्छी तरह से पढऩे की सलाह दी जाती है। बीमा का सही चुनाव करने और बाद में किसी भी पछतावे से बचने का एकमात्र तरीका आंतरिक व बाहरी तथ्यों को जानना है।

संजय दत्ता - मुख्य- क्लेम्स, अंडरराईटिंग और री-इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

Posted By: Navodit Saktawat