Health Tips: डायबिटीज और हार्ट अटैक काफी जटिल बीमारियां हैं जो कि आजकल काफी आम होती जा रही हैं। इन दोनों बीमारियों का आपस में रिश्ता है। आपने देखा होगा कि जिन लोगों को डायबिटीज होती है उन्हें दिल की बीमारियों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उस चीज को खाना चाहिए जिससे दोनों बीमारियों का समाधान हो सके। जिससे हमारी सेहत अच्छी रह सके। इस बारे में न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी स्थिति में स्पिरुलिना का सेवन करना चाहिए। ये पौधा पानी में पाया जाता है जो कि आमतौर पर झरने और झीलों में उगता है। इसे आयुर्वेद में खजाना माना जाता है।

स्पिरुलिना में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स

बता दें कि स्पिरुलिना एक ऐसा पौधा है जिसमें विटामिन्स और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस पौधे का 60 फीसदी हिस्सा प्रोटीन से भरा होता है। इसके साथ ही कई अन्य प्रकार के आवश्यक एमिनो एसिड्स भी इस पौधे में पाए जाते हैं। इसके अलावा स्पिरुलिना खाने से बॉडी को विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम, कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं। इसी कारण से इसे सुपरफूड्स की कैटेगरी में रखा जाता है।

डायबिटीज में फायदेमंद

जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें अपनी सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है। स्पिरुलिना खाने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल हो जाता है। साथ ही डायबिटीज मरीजों को कई परेशानियों से समाधान मिल जाता है। साथ ही जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या होती है उन्हें इस पौधे का जरूर सेवन करना चाहिए।

दिल की बीमारियों से बचाव

स्पिरुलिना खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी होती है। इससे बीपी कंट्रोल में रहता है। इस वजह से हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और ट्रिपल वेसल डिजीज जैसी दिल की बीमारियां हो सकती है। अगर लगातार स्पिरुलिना का सेवन करेंगे तो ब्लड फ्लो में अच्छा रहेगा।

वजन घटाने में मददगार

जिन लोगों का वजन लगातार बढ़ रहा है उन्हें स्पिरुलिना का सेवन जरूर करना चाहिए। इसमें बीटा कैरोटीन, फैटी एसिड, क्लोरोफिल और कई अहम न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। ये कमर और पेट के आस-पास की चर्बी कम करने में मददगार होते हैं।

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