अगर आप डायबिटीज से परेशान हैं तो घबराइये नहीं। अब मोटे अनाज के नियमित सेवन से आप बहुत हद तक राहत पा सकते हैं। इस दिशा में शोध कार्य करने वाले जानकारों का दावा है कि मोटे अनाज के गुणकारी प्रभाव डायबिटीज समेत अन्‍य कई बीमारियों में हमको राहत प्रदान करते हैं। सरकार भी इसे जीवन के आहार शैली का हिस्‍सा बनाने को प्रेरित कर रही है। खानपान में मिलेट्स (मोटा अनाज) का इस्तेमाल अच्छी सेहत व एनीमिया की बीमारी दूर करने में मददगार है। साथ ही यह डायबिटीज की बीमारी को नियंत्रित करने और उससे बचाव में भी फायदेमंद है। खानपान में मिलेट्स के महत्व पर शुक्रवार को दिल्ली एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में संस्थान के डाक्टरों ने यह बातें कहीं। हाल ही में एम्स ने अपने कर्मचारियों के लिए मिलेट्स कैंटीन भी शुरू की है। इसी क्रम में एम्स के डाक्टरों ने लोगों से खानपान में मिलेट्स का इस्तेमाल करने की अपील की।

मिलेट्स के इतने हैं फायदे

मिलेट्स में आयरन, कैल्शियम, जिक, फास्फोरस जैसे माइक्रोन्यूट्रियंट अधिक होते हैं। यह सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। मिलेट्स ग्लूटेन मुक्त होते हैं। इस वजह से मिलेट्स का इस्तेमाल करने से सीलिएक रोग नहीं होता। इसके अलावा मिलेट्स में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इस वजह से इसके इस्तेमाल से डायबिटीज से बचाव होता है। साथ ही यह शुगर को नियंत्रित करता है।

कम खाने से ही पेट भर जाता है

मोटापे के कारण 13 तरह के कैंसर की बीमारी होती है। मिलेट्स मोटापे को कम करने में फायदेमंद है। इसके इस्तेमाल से बड़ी आंत का कैंसर होने का खतरा कम होता है। एम्स की डायटीशियन प्रमुख परमीत कौर ने कहा कि मिलेट्स का एक फायदा यह है कि कम खाने से ही पेट भर जाता है और पर्याप्त पोषण मिलता है। यदि कोई व्यक्ति 100 ग्राम अनाज खाता है तो मिलेट्स 50 ग्राम खाने से ही पेट भर जाएगा और पर्याप्त पोषण मिल जाता है।

खराब जीवनशैली से बीमारियां बढ़ी

एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डा. संजय राय ने कहा कि खराब जीवनशैली से बीमारियां बढ़ी हैं। पुराने समय में ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो इत्यादि से बने भोजन खाते थे, आबादी बढ़ने के साथ वो धीरे-धीरे हमारी थाली से गायब हो गई। उसकी जगह गेहूं व चावल ने ले ली। इसके बाद बीमारियां बढ़ गईं। अब एक बार फिर से पुराने खान-पान का समय आ गया है।

Posted By: Navodit Saktawat

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