Health Tips: यदि आपको लिवर से जुड़ी समस्‍या है या फैटी लिवर के लक्षण हैं तो यह आपके लिए बहुत काम की खबर है। असल में, नए शोध में यह बात सामने आई है कि शारीरिक गतिविधियों के अभाव में लिवर के मोटे होने की समस्‍या पनप भी जाती है और बढ़ती भी जाती है। लेकिन यदि आप घरेलू स्‍तर पर ही रोजाना एक से दो घंटे तक इंटेंस वर्कआउट यानी तगड़ी कसरत कर लें तो यकीन मानिये आपके साथ आपका लिवर भी चुस्‍त-दुरुस्‍त हो जाएगा। इतना ही नहीं, जिन लोगों को टाइप-टू-डायबिटीज है अथवा मोटापे की तकलीफ है, उनको भी इससे राहत मिलेगी।

शराब नहीं पीने के बावजूद भी जिन लोगों को लिवर के मोटे होने से जनित रोग होते हैं, उन्हें नियमित रूप से एक निश्चित अंतराल में उच्च तीव्रता वाली कसरत करनी चाहिए। एक नए शोध में बताया गया कि लिवर के ऐसे मरीजों को बैठकर करने वाली एक्सरसाइज से लेकर पूरे वेग से दौड़ लगाने के साथ ही साइकिल चलाने जैसे शारीरिक अभ्यास भी नियमित रूप से करने चाहिए।

यूनिवर्सिटी आफ ईस्टर्न फिनलैंड के एक दल ने शोध में बताया कि नियमित एचआइआइटी एक्सरसाइज से शरीर में उपापचय (मेटाबालिज्म) दुरुस्त हो सकता है। 12 हफ्तों तक ऐसी ही कसरतें करने से परीक्षण में भाग लेने वाले लोगों में ग्लूकोज की मात्रा सीमित होती है। साथ ही उनकी कमर की चौड़ाई कम होती है और शरीर में अधिकाधिक आक्सीजन अवशोषित किया जा सकता है।

नान अल्कोहलिक फैटी लिवर (एनएएफएलडी) की बीमारी बहुत आम है। इससे विश्व की 25 फीसद आबादी ग्रस्त है। यह बीमारी लिवर की कोशिकाओं के मोटे होने के साथ शुरू होती है जो लिवर इनफ्लेमेशन (लिवर में ज्वलनशीलता) की बीमारी बन जाती है। यही बीमारी बेहद गंभीर होकर जानलेवा लिवर सिरोसिस का रूप ले लेती है। इस बीमारी का संबंध मोटापे और टाइप-2 डायबिटीज से भी है।

Posted By: Navodit Saktawat