Pulmonary Hypertension Symptoms: पल्मोनरी हाइपरटेंशन ऐसी बीमारी है। जिसमें फेफड़े तक ब्लड सप्लाई करने वाली रक्तनलियों में प्रेशर बढ़ जाता है। जिससे हार्ट पर अधिक दबाव बनने लगते है। इस कारण दिल का आकार बढ़ जाता है और हार्ट चैंबर का लेफ्ट हिस्सा कमजोर पड़ने लगता है। डॉक्टर्स के मुताबिक ये ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त वाहिकाओं के मोटे और संकरे होने के साथ धमनियों में दबाव बढ़ जाता है। इस कारण दिल के फेफड़ों और शरीर के बाकी हिस्सों में पर्याप्त खून पंप करना कठिन होता है। अगर हृदय लगातार पल्मोनरी हाइपरटेंशन के दबाव में रक्त पंप कर रहा है, तो यह कमजोर हो जाता है। वह हार्ट अटैक का कारण बनता है।

पल्मोनरी हाइपरटेंशन के लक्षण

पल्मोनरी हाइपरटेंशन वाला शख्स आमतौर पर थकान से पीड़ित होता है। ज्यादा काम और व्यायाम करने में परेशानी होती है।

1. सीने में दबाव महसूस होना

2. लंबे समय तक खांसी

3. सांस लेने में तकलीफ

4. पैरों, टखनों या पेट में सूजन

5. चक्कर या बेहोशी

पल्मोनरी हाइपरटेंशन के कारण

- इस बीमारी मुख्य कारण फेफड़ों की धमनियों की दीवारों का मोटा होना है।

- यह रक्त प्रवाह को संकुचित करता है। जिससे पल्मोनरी धमनियों पर अधिक दबाव बढ़ जाता है।

- लंबे समय के लिए ऑक्सीजन की कमी होने पर।

- पल्मोनरी फाइब्रोसिस और कनेक्टिंग टिशू डिसॉर्डर।

- अवैध नशीली दवाओं का सेवन

पल्मोनरी हाइपरटेंशन का इलाज

डॉक्टर्स खासतौर पर दिल और फेफड़ों की जांच करते है। परिवार के इतिहास और नशे की लत सहित व्यक्ति के स्वास्थ्य इतिहास का पता लगाएं। अगर टेस्ट पर पल्मोनरी हाइपरटेंशन का संदेह है, तो डॉक्टर अधिक परीक्षण लिख सकते हैं।

- छाती का एक्स-रे

- 2डी इकोकार्डियोग्राम

- धमनियों में रक्तस्नाव को मापने के लिए के लिए हृदय कैथीटेराइजेशन

डिसक्लेमर

इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Shailendra Kumar