एक अध्ययन में देखने को मिला है कि धूमपान और शराब पीने से परहेज, मोटापा का न होना और नियमित व्यायाम से कैंसर के उच्च आनुवांशिक खतरे वाले लोग भी बचे रह सकते हैं। लोगों में शराब और धूमपान सेवन, बाडी मास इंडेक्स (मोटापा), व्यायाम, खान-पान की स्थितियों को बारीकी से देखा गया। अध्ययन करने वाली टीम का निष्कर्ष था कि हर किसी व्यक्ति को स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए। इससे अन्य बीमारियों के साथ ही आनुवांशिक स्तर पर यानी पीढ़ी दर पीढ़ी होने वाले कैंसर के खतरे की आशंका को भी कम किया जा सकता है। स्वस्थ जीवन शैली यूं तो शरीर को दुरुस्त करने के साथ कई बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है। अब नए अध्ययन में यह जानकारी मिली है कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों की आशंका को भी अच्छी जीवन शैली से कम किया जा सकता है। टीम ने अध्ययन किया कि शरीर में सकारात्मक परिवर्तन करके कैंसर के उच्च आनुवांशिक खतरों को कैसे कम किया जा सकता है। अध्ययन में सामान्य लोगों के साथ कई मरीजों को भी शामिल किया गया।

ये कैंसर की समस्या से जूझ रहे हैं। शोध में दो लाख से ज्यादा पुरुषों और सवा दो लाख महिलाओं को शामिल किया गया। इन सभी का आंकडा यूके बायो बैंक से लिया गया था। 2006 से 2009 तक ब्रिटेन, स्काटलैंड और वेल्स में आंकड़ों का अध्ययन किया गया।यह अध्ययन अमेरिकन एसोसिएशन के कैंसर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन करने वाली टीम का नेतृत्व नानजिंग मेडिकल यूनीवर्सिटी के प्रोफेस ग्वांगफू जिन ने किया।

Posted By: Navodit Saktawat

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