Health Tips इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इस मौसम में दिन और रात के तापमान में अच्छा खासा अंतर आ जाता है। यह नवजात और छोटे बच्चों के लिए सर्दी-खांसी, बुखार की वजह बनता है। जिन बच्चों को सर्दी के साथ सांस फुलने की शिकायत होती है उन्हें तापमान में आए अंतर की वजह से अस्थमा जैसी बीमारी होने की आशंका रहती है। इन दिनों वातावरण में धूल भी बहुत होती है। इससे बच्चों को एलर्जी हो सकती है। ठंड के मौसम में सभी घरों में गर्म कपड़े निकले जाते हैं। इनमें डस्टमाइट होते हैं जो एलर्जी की एक बड़ी वजह है। इस मौसम में नवजात और छोटे बच्चों दिन में भी टोपी और मौजे पहनाकर रखें। बच्चों को रात के समय घर से बाहर ले जाने से बचें और सही समय पर उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं।

यह बात शिशुरोग विशेषज्ञ डा. निखिल ओझा ने नईदुनिया से चर्चा में कही। उन्होंने बताया कि दिन के वक्त तापमान अधिक होने से कई बार हम नवजात और छोटे बच्चों को टोपी और मौजे नहीं पहनाते। यह ठीक नहीं है। नवजात और बच्चों को दिन के वक्त भी पूरे कपड़े पहनाएं। सिर पर टोपी और पैर में मौजे रहेंगे तो रात के वक्त तापमान कम होने पर उन्हें दिक्कत नहीं होगी। नवजात को मां के साथ ही रखे। बच्चा मां के शरीर से चिपककर रहेगा तो उसे गर्मी मिलती रहेगी।

मां का दूध बच्चे को दस्त, सर्दी-जुकाम से भी सुरक्षा देता है। नवजात को रात के वक्त घर से बाहर बिलकुल न ले जाएं। सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से नवजात की सेहत बिगड़ सकती है। छोटे बच्चों को रात के वक्त तलागला देने से बचना चाहिए। कई बार देखने में आता है कि मामूली बुखार आदि होने पर हम बच्चे का टीकाकरण टाल देते हैं। यह भी ठीक नहीं है। बच्चों को सही समय पर टीका लगना जरूरी है। इसमें चूक न करें।

Posted By: Sameer Deshpande

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