knee Surgery : यदि आपके घर में कोई ऐसा बुजुर्ग है जिसके घुटने में समस्‍या है और इसके चलते आप सर्जरी कराने जा रहे हैं तो रुक जाइये। जानकारों का कहना है कि सर्जरी इसका एकमात्र उपाय नहीं है, यथासंभव इसे टालना चाहिये। इसके विकल्‍प के रूप में डॉक्‍टर्स ने कुछ प्रोसेस भी बताईं हैं और दावा किया है कि इनका पालन करने से सर्जरी से बचा जा सकता है। युवा लोगों के घुटने में क्षतिग्रस्त सी आकार के कार्टिलेज या जोड़ संबंधी कार्टिलेज और इसके भीतर की हड्डी या हड्डियों के बंधन की क्षमता कमजोर होने से आस्टियो आर्थराइटिस हो सकता है। यह प्रभावित हिस्से के कार्टिलेज पर असामान्य दबाव पैदा कर घुटने के अलाइनमेंट को बाधित करता है जिससे चलते समय दर्द और कठिनाई महसूस होती है। बदलती जीवनशैली और भागदौड़ ने कई तरह की शारीरिक समस्याएं पैदा कर दी हैं। ढलती उम्र में घुटने में दर्द इनमें से एक है। आम तौर पर घुटने का प्रत्यारोपण इसका समाधान माना जाता है, लेकिन डाक्टरों ने चेतावनी दी है कि 40 वर्ष से कम उम्र में पुराने आस्टियो आर्थराइटिस रोगी के लिए घुटने के प्रत्यारोपण के लिए आपरेशन कराना नुकसानदेह साबित हो सकता है। डाक्टरों के अनुसार, ऐसी कई प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं जिनका घुटने की सर्जरी से बचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह है पूरी प्रक्रिया

एनएचएस अस्पताल जालंधर के निदेशक एवं वरिष्ठ ज्वाइंट प्रत्यारोपण सर्जन डा. शुभांग अग्रवाल ने घुटने की सर्जरी से बचने के लिए कार्टिलेज रीजेनरेशन सर्जरी जैसी प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर इलाज किया गया तो ये प्राकृतिक कार्टिलेज विकास जैसे परिणाम दे सकते हैं और घुटने की सर्जरी से बचा जा सकता है।

इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर के वरिष्ठ आर्थोपेडिक डा. विवेक महाजन ने कहा, "सामान्य तौर पर मेनिस्कल टियर या हड्डी जोड़ में चोट या कार्टिलेज क्षति के कारण कम उम्र के रोगियों के घुटने में दर्द होता है। इसे नजरअंदाज करने पर भविष्य में आस्टियो आर्थराइटिस हो सकता है। इसका समय पर समाधान किया जाना चाहिए। इसे साधारण आर्थ्रोस्कोपी या कीहोल सर्जरी द्वारा ठीक किया जा सकता है। इस प्रक्रिया से घुटने के जोड़ का जीवन लंबा हो जाएगा।"

Posted By: Navodit Saktawat