कोरोना संक्रमण होने के चार हफ्ते या उससे अधिक समय तक संक्रमण बना रहता है तो उसे लंबे समय तक का कोरोना संक्रमण कहा जाता है। इसमें थकान, कभी-कभी सांस में तकलीफ, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, जोड़ों में दर्द जैसी परेशानियां होती हैं। कोरोना वायरस का ओमिक्रोन वैरिएंट इसके डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कम समय तक प्रभाव डालता है। शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के मुख्य लेखक क्लैयर स्टीव ने कहा कि भले ही ओमिक्रोन का प्रभाव डेल्टा की तुलना में कम समय तक रहता है, लेकिन ओमिक्रोन से प्रभावित होने वाले 23 में हर एक व्यक्ति में लंबे समय तक संक्रमण बना रहता है। मतलब यह कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रोन का संक्रमण कम दिनों तक बना रहता है। 'द लैंसेट' पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। लंदन के किंग्स कालेज के हालांकि, यह बहुत हद तक मरीज की उम्र और टीकाकरण के समय पर भी निर्भर करता है। यह अध्ययन 56 हजार से अधिक वयस्कों पर किया गया है।

संक्रमण दर 130 दिनों के बाद चार प्रतिशत से ऊपर

देश में कोरोना के 12,781 नए मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि दैनिक संक्रमण दर 130 दिन के बाद चार प्रतिशत को पार कर गई है। सुबह आठ बजे अपडेट आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 4.32 प्रतिशत दर्ज की गई है। साप्ताहिक संक्रमण दर 2.62 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटे के दौरान 18 मरीजों की कोरोना के चलते मौत हो गई। इनमें सबसे ज्यादा 11 मौतें केरल से हैं। दिल्ली में तीन मरीजों की मौत हुई है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब और बंगाल में एक-एक मरीज की महामारी के चलते मौत हुई।

कोरोना के उपचाराधीन मामलों की संख्या में 4,226 की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 76,700 हो गई है। मृत्यु दर 1.21 प्रतिशत है। देशव्यापी कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 196.18 करोड़ डोज दी गई है।

Posted By: Navodit Saktawat

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