Non Allergic Rhinitis: अक्सर हम शरीर में होने वाली एलर्जी के बारे में बात करते हैं। हालांकि गैर एलर्जी को हमारे हेल्थ के लिए हानिकारक नहीं मानते हैं। छींक या कंजेशन कभी-कभी सिर्फ सर्दी या खांसी से ज्यादा हो सकता है, जो समय के साथ बढ़ती जाती है। ऐसी ही एक बीमारी नॉन एलर्जिक राइनाइटिस है। यह संक्रमण एलर्जी और गैर एलर्जी दोनों प्रकार का होता है। आज हम आपको नॉन एलर्जिक राइनाइटिस के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।

वोजार्ट हेल्थकेयर अस्पताल, कानपुर के ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश सिंघला के अनुसार एलर्जिक राइनाइटिस आमतौर पर फीवर के रूप में फैलता है। यह एक प्रकार की एलर्जी प्रतिक्रिया है, जो विदेशों में अधिक प्रमुख है। यह एक मौसमी संक्रमण है। यह ज्यादातर वसंत और गर्मी के मौसम में होता है। गैर-एलर्जिक राइनाइटिस 20 साल से अधिक उम्र के किशोरों और वयस्कों में आम है। यह लगभग सभी मौसम की स्थिति में व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। राइनाइटिस मौसम परिवर्तन, मेडिसिन, खाद्य पदार्थ या किसी अन्य पुरानी स्वास्थ्य स्थिति में फैलती है।

नॉन एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण

ज्यादातर स्थितियों में लोगों में नॉन एलर्जिक राइनाइटिस के कोई बड़े लक्षण नहीं दिखते, इसके लक्षण बहुत सामान्य होते हैं जैसे-

-खांसी

- छींक आना

- गले में बलगम

- सीने में जकड़न

गैर-एलर्जी राइनाइटिस का क्या कारण बनता है?

गैर-एलर्जी राइनाइटिस उस स्थिति में होता है। जहां ब्लड वेसल्स नाक के मार्ग की परत को नाक में भर देती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रक्त वाहिकाएं नाक के अंदर फैलती हैं। इसका कारण अब तक पता नहीं चला है। हालांकि विभिन्न स्टडी में गैर-एलर्जी राइनाइटिस के कुछ संभावित कारणों का सुझाव देते हैं। इसके परिणामस्वरूप नाक की झिल्लियों में सूजन आ जाती है और व्यक्ति के बलगम के अंदर जमाव हो जाता है। आइए जानते हैं गैर-एलर्जी राइनाइटिस होने के कुछ प्रमुख कारण।

1. एनवायर्नमेंटल इर्रिटेन्ट्स

इसमें धूल, धुआं, तेज गंध और तेज परफ्यूम की गंध जैसे कारक शामिल होते हैं। जो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता हैं। फैक्ट्रियों या आसपास के इलाकों में काम करने वाले लोगों को इस संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

2. वेदर कंडीशंस

राइनाइटिस में मौसम भी प्रमुख भूमिका निभाता है। गैर एलर्जी वाले किसी भी बदलते मौसम में प्रभावित हो सकते हैं। बदलते मौसम में नाक में सूजन और नाक बहने की संभावना अधिक होती है।

3. इन्फेक्शन्स

गैर-एलर्जी राइनाइटिस में कुछ संक्रमणों की भी भूमिका हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वायरल संक्रमण जैसे सर्दी और फ्लू आदि कई लोगों को गैर-एलर्जी राइनाइटिस का कारण बनते हैं। यह संक्रमित लोगों से स्वस्थ लोगों में भी फैल सकता है।

4. खाद्य और पेय पदार्थ

कुछ खाद्य पदार्थों से गैर-एलर्जी राइनाइटिस हो सकता है। कई लोगों को यह स्थिति तब होती है जब वे बहुत अधिक मसालेदार या गर्म भोजन करते हैं।

5. हार्मोन बदलना

गर्भावस्था या मासिक धर्म से जुड़े परिवर्तन, विशेष रूप से महिलाओं में, व्यक्ति को गैर-एलर्जी राइनाइटिस भी हो सकता है। ऐसी स्थिति कुछ हार्मोन में असंतुलन का कारण बनती हैं।

Posted By: Shailendra Kumar