Winter Skin Care: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मालवा की जलवायु अपेक्षाकृत अधिक शुष्क है। सर्दी के दिनों में इसका त्वचा, बाल और नाखून पर अपेक्षाकृत अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हमारी त्वचा की कई परत होती है। इसमें से त्वचा की ऊपरी परत का कार्य नमी को बनाए रखना है, इसलिए सर्द मौसम में सबसे पहले ऊपरी त्वचा रूखी होती है और यदि उसका ध्यान नहीं रखा जाए तो वह फटने लगती है या कई बार त्वचा निकलने भी लगती है।

त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. भावेश स्वर्णकार बताते हैं कि सर्दी में भी त्वचा व बालों से संबंधित समस्या से ग्रसित कई मामले सामने आते हैं। कई लोग नहाते वक्त त्वचा को बहुत रगड़ते हैं। इससे भी त्वचा की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है या निकल जाती है जिससे त्वचा की नमी भी खत्म होती है। कुछ लोग सख्त रसायन वाले साबुन का उपयोग करके भी त्वचा को क्षति पहुंचा लेते हैं।

असल में इस मौसम में ज्यादा घिसकर नहीं नहाना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की ऊपरी परत निकल जाती है। सर्दी के दिनों में गर्म पानी से नहाएं लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि पानी बहुत गर्म हो। ज्यादा गर्म पानी से नहाने पर भी त्वचा की ऊपरी परत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नहाने और हाथ धोने के लिए सख्त साबुन के बजाए नमीयुक्त साबुन का उपयोग करें। नहाने या हाथ-मुंह धोने के बाद क्रीम युक्त माइश्चराइजर का उपयोग करें।

शैंपू का भी ज्यादा उपयोग न करें। सप्ताह में दो दिन शैंपू का उपयोग पर्याप्त है। शैंपू से बालों की नमी खत्म होती है इसलिए तेल लगाकर इस रूखेपन को खत्म किया जा सकता है। तेल बालों में कंडीशनिंग का कार्य करता है इसलिए सामान्य मात्रा में उसे लगाया जा सकता है। शरीर पर पेट्रोलियम जैली या तेल लगाकर भी त्वचा को रूखा होने से बचाया जा सकता है। बालों को बेहतर रखने के लिए आयरनिंग या ब्लोअर नहीं करें। आयरनिंग से बाल खराब होते हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

  • Font Size
  • Close