Health Alert : जिन लोगों को कोरोना संक्रमित होने से पहले डायबिटीज थी, उन पर कोरोना संक्रमण का घातक प्रभाव हुआ। जान बचाने के लिए आक्सीजन के साथ ही वेंटीलेटर की आवश्यकता पड़ी। एक अध्ययन में सामने आया है कि जिन लोगों में कोरोना संक्रमित होने से पहले शुगर का स्तर सामान्य था, उनमें भी डायबिटीज का मरीज होने के लक्षण मिले हैं। तमाम मरीजों में डायबिटीज उच्च स्तर पर मिली। टीम ने अध्ययन में यह भी पाया कि डायबिटीज के साथ ही मरीजों में हार्मोन का असंतुलन भी देखने को मिला। इन न सभी मरीजों की कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी जांच की जाती रही। जांच के निष्कर्ष कुछ ही दिनों में सामने आने लगे। अध्ययन में 46 फीसद मरीज ऐसे थे, जिनमें डायबिटीज सामान्य स्तर से ज्यादा थी। कुछ का शुगर स्तर बहुत बढ़ा हुआ था। इनमें से किसी भी मरीज की पूर्व में डायबिटीज की कोई पृष्ठभूमि नहीं थी। कुछ मरीजों में तो डायबिटीज के लक्षण संक्रमित होने के छह माह के बाद सामने आए। बोस्टन स्थित बच्चों के अस्पताल ने 551 ऐसे मरीजों का अध्ययन किया, जो 2020 में मार्च से लेकर मई तक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इटली के एक अस्पताल में भर्ती हुए थे। यह अध्ययन जर्नल नेचर मेटाबालिज्म में प्रकाशित हुआ है। कोरोना महामारी के बीच मरीजों के ठीक होने के बाद आ रहे प्रतिकूल प्रभावों में सबसे ज्यादा खतरा डायबिटीज का बढ़ गया है।

Posted By: Navodit Saktawat