जिंदगी को भरपूर जीने के लिए जरूरी है स्वस्थ होना। यह सही है कि आज लगभग हर बीमारी के लिए पहले से कहीं बेहतर इलाज और सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि बीमारी को आमंत्रित किया जाए? कुछ तरीके दिल और दिमाग को स्वस्थ रखने के तरीके, ताकि आप भरपूर जीवन का लुत्फ उठा सकें।

स्ट्रोक एक बीमारी है जो दिमाग की ओर जा रही और दिमाग के अंदर मौजूद धमनियों पर असर डालती है। इसे दुनियाभर में टॉप टेन जानलेवा व विकलांगता देने वाली बीमारियों में माना जाता है। स्ट्रोक की स्थिति तब उभरती है जब दिमाग की तरफ खून के साथ ऑक्सीजन तथा पोषक तत्व ले जा रही ब्लड वेसल या तो किसी खून के थक्के के कारण बाधित (ब्लॉक) हो जाती है या यह वेसल किसी कारण से फट जाती है।

दिमाग और दिल का जुड़ाव

दिमाग की करीब 80 प्रतिशत बीमारियों का लिंक कार्डियोवैस्क्युलर डिसीज से जुड़ा होता है। साथ ही स्ट्रोक तथा मध्य आयु के दौरान दिमाग की क्षमताओं का कम होना, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से भी जुड़ा होता है। जाहिर है कि जीवनशैली का यही असंतुलन दिल पर भी भारी पड़ता है। नींद, खान-पान, मोटापा, व्यायाम नकरना, कम से कम शारीरिक गतिविधियों में संलग्न होना आदि वे कारण हैं जो दिल पर बुरा असर डालते हैं और यही दिमाग के लिए भी समस्या बन जाते हैं।

एक्सरसाइज करें

कम से कम 150 मिनट प्रति हफ्ते का व्यायाम लाभदायक हो सकता है। वहीं धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी बहुत अच्छा असर कर सकता है, दिल और दिमाग दोनों की सेहत पर।

अभी उठाइए सेहतमंद कदम

व्यायाम शुरू करने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की ओर कदम बढ़ाना कभी भी व्यर्थ नहीं जाता। अगर आज तक आप समस्याओं से बचे हुए हैं तो इस बात की कोई ग्यारंटी नहीं कि आगे आपको कोई समस्या नहीं होगी। इसलिए आज से ही इरादा करें कि अपने दिल और दिमाग की सेहत के लिए छोटे-छोटे प्रयास शुरू करेंगे। कुछ बातें इसमें मदद कर सकती हैं। जैस नियमित जांच।

हाई बीपी, डायबिटीज, हृदय रोग या दिमाग संबंधी समस्याओं का पहले से परिवार में मौजूद होना आदि वे वजहें हैं जिनके लिए आपको 25 साल की उम्र से ही डॉक्टर से सालाना चेकअप करवाना जरूरी है। इस अवधि को आप डॉक्टर की सलाह से 2-3 साल में भी बदल सकते हैं अगर आप हर तरह से स्वस्थ हैं तो, लेकिन 40 वर्ष के बाद सामान्य स्वस्थ लोगों को भी नियमित सालाना चेकअप करवान जरूरी है, क्योंकि यही वह समय है जहां से आपके शरीर की प्राकृतिक शक्ति कम होनी शुरू हो सकती है। अगर सही समय पर ध्यान देंगे तो आप उम्र के साथ आने वाली कई समस्याओं से बच सकेंगे।

स्वस्थ खाएं और भरपूर नींद लें

नींद एक आवश्यक प्रक्रिया है जिसकी कमी दिल और दिमाग दोनों की कार्यप्रणाली पर असर डालती है। नींद की कमी या अनियमितता से याददाश्त, एकाग्रता और संतुलन आदि पर बुरा असर पड़ने के साथ ही यह बीपी, डायबिटीज जैसी कई समस्याओं को भी बुलावा दे सकती है। इसलिए कम से कम 7-8 घंटे की नियमित नींद जरूर लें। इसी तरह भोजन में हरी सब्जियों, फलों, साबुत अनाज की मात्रा बढ़ाने और नमक, शकर तथा अत्यधिक वसा की मात्रा को कम करने से दिल और दिमाग दोनों का भला होता है।

स्ट्रोक और ब्लड थिनर्स

ब्लड थिनर्स यानी खून को पतला करने वाली दवाएं जिन्हें एन्टीकोग्युलेंट्‌स भी कहा जाता है, स्ट्रोक से बचाव में बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। खासकर उन लोगों में जिनको अनियमित हृदय की धड़कनों की समस्या अर्थात एट्रियल फिब्रलेशन होती है। इसस्थिति में दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे लोगों में स्ट्रोक होने की आशंका 5 गुना अधिक हो जाती है।

Posted By: Arvind Dubey