Sudden Cardiac Arrest। अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही के कारण इन दिनों कार्डियक अरेस्ट के मामले काफी बढ़ गए हैं। बीते कुछ माह में ही हमने अचानक हार्ट अटैक आने के कारण हुई मौत के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होते हुए देखे हैं। Cardiac Arrest आने पर हार्ट का काम करना अचानक बंद हो जाता है। इस स्थिति में दिल की विद्युत प्रणाली में समस्या के साथ साथ पंपिंग की क्रिया भी बाधित हो जाती है और शरीर में अचानक रक्त प्रवाह रुक जाता है।

हार्ट अटैक से अलग है Cardiac Arrest

अचानक कार्डियक अरेस्ट दिल के दौरे के समान नहीं है। कार्डियक अरेस्ट से मौत अचानक हो जाती है और Cardiac Arrest आने पर मरीज की जीवन रक्षा से संबंधित सभी उपाय करने का भी समय नहीं मिल पाता है। वहीं हार्ट अटैक में मरीज को दिल की गति कुछ समय के लिए बाधित होती है और समय पर उचित इलाज मिलने पर मरीज की रिकवरी संभव है। Cardiac Arrest में भी यदि मरीज को सही समय पर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) या छाती को कंप्रेशन दिया जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है।

जब Cardiac Arrest आता है, तब के लक्षण

जब भी किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आता है तो उसकी कोई धड़कन नहीं चलती है और सांस चलना भी बंद हो जाती है। वहीं व्यक्ति बेहोश हो जाता है।

Cardiac Arrest आने के पहले के लक्षण

कार्डियक अरेस्ट आने से पहले मरीज में कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यदि आपको भी इनमें से कुछ लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सीने में बेचैनी, सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी महसूस करना, दिल का तेज धड़कन आदि प्रमुख लक्षण हैं। कार्डियक अरेस्ट अक्सर बिना किसी चेतावनी के होता है, इसलिए समय समय पर इन लक्षणों से दिखने पर जांच कराते रहना चाहिए। इन सभी लक्षणों के दिखने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाकर हार्ट की जांच कराना चाहिए।

Cardiac Arrest से बचने के उपाय

हार्ट की पंपिंग में कोई दिक्कत आने या धमनियों में ब्लॉकेज होने पर हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ता है। इसलिए अपनी जीवन शैली को नियमित रखने का प्रयास करें। ज्यादा तेल, घी या वसायुक्त भोजन का सेवन न करें। रोज कम से कम 40 मिनट कार्डियो एक्सरसाइज जरूर करें, जिसमें मॉर्निंग वॉक, ब्रिस्क वॉक, स्विमिंग, रो जंपिंग, साइकिल चलाना आदि शामिल हैं।

Posted By: Sandeep Chourey

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