आजकल महिलाएं 40 साल की उम्र के बाद चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को रोकने के लिए बोटॉक्स ट्रीटमेंट (Botox Treatment) का सहारा ले रही हैं। हालांकि समय के साथ ट्रेंड में बदलाव आया है। अब 20 से 25 साल की लड़कियां भी सुंदर और जवान दिखने के लिए बेबी बोटॉक्स ट्रीटमेंट (Baby Botox Treatment) करा रही हैं। अमेरिका और ब्रिटेन में इस ट्रीटमेंट की मांग लगातार बढ़ रही है। आइए जानते हैं क्या है बेबी बोटॉक्स ट्रीटमेंट, इसकी प्रोसेस, फायदे और नुकसान के बारे में।

क्या है बेबी बोटॉक्स ट्रीटमेंट?

फेस के जिस हिस्से में झुर्रियां होती हैं। उस जगह बॉटुलिनम इंजेक्शन (Botulinum Injection) लगाया जाता है। इस इंजेक्शन को चेहरे की खास लेयर में लगाया जाता है। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है। इस इलाज से झुर्रियां कम होने लगती है। इस पूरे प्रोसेस को बोटॉक्स ट्रीटमेंट कहते हैं। जब कोई कम उम्र की युवती इस ट्रीटमेंट को लेती है, तो इसे लो डोज के इंजेक्शन दिए जाते हैं। इसे ही बेबी बोटॉक्स कहते हैं।

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी

बोटॉक्स ट्रीटमेंट लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हेपेटाइटिस या ब्लीडिंग से जुड़ी बीमारी नहीं होनी चाहिए। ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर कुछ महीनों तक चेकअप के लिए बुलाते हैं। इसमें यह जांच की जाती है कि कोई साइड इफेक्ट तो नहीं है।

बेबी बोटॉक्स के नुकसान

बेबी बोटॉक्स ट्रीटमेंट के कुछ नुकसान भी है। यह हमेशा एक्सपर्ट से कराना चाहिए। ट्रीटमेंट बिगड़ने पर सूजन, सिरदर्द, मुंह का सूखना, शरीर में एलर्जी, बदन दर्द और उल्टी की प्रॉब्लम हो सकती है। बेबी बोटॉक्स ट्रीटमेंट का खर्च झुर्रियों की स्थिति और आयु के आधार पर निर्धारित होता है।

Posted By: Arvind Dubey