Women Health: कई लोगों को लगता है कि हर्निया सिर्फ पुरुषों में ज्यादा होता है। लेकिन ऐसा सोचना गलत होगा। क्योंकि हर्निया पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है। लेकिन ग्रोइन हर्निया महिलाओं पर ज्यादा अपना असर डालता है। बता दें कि ग्रोइन हमारे पेट के निचले हिस्से और जांघों के बीच का भाग होता है। महिलाओं में ग्रोइन हर्निया तब होता है जब ग्रोइन एरिया में नरम ऊतक फैल जाता है। इससे उस क्षेत्र में उभार और दर्द होने लगता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इलाज की जरूरत होती है। महिलाओं में ग्रोइन हर्निया होने की कई वजह होती हैं जैसे मोटापा, भारी वजन उठाना, पुरानी खांसी, पुरानी कब्ज, कई गर्भधारण करना आदि शामिल है। इसका जेनेटिक कारण भी हो सकता है।

कई प्रकार के होते हैं ग्रोइन हर्निया

अप्रत्यक्ष वक्षण हर्निया यह आमतौर पर महिलाओं में देखने को मिलता है। प्रत्यक्ष वक्षण हर्निया और ऊरु हर्निया जो कि कमर के नीचे होता है। पुरुषों की तुलना में यह महिलाओं में आम होता है। कई महिलाएं हर्निया से पीड़ित होती हैं। लेकिन जागरूकता की कमी की वजह से इलाज नहीं करवा पाती हैं। ग्रोइन हर्निया में लक्षण सामने आ जाते हैं। कुछ मामलों में पेट और कमर में दर्द या जलन हो सकता है। ज्यादा लक्षणों के सामने नहीं आने से इलाज में देरी हो जाती है। लेकिन भारी वजन उठाने, खांसने, छींकने, खड़े होने या बहुत देर तक बैठने में दर्द या बेचैनी बढ़ सकती है।

हर्निया से बचने के लिए करें ये उपाय

कई लोगों को ऐसा लगता है कि हर्निया एक लाइलाज बीमारी है। लेकिन इसका इलाज संभव है। कुछ केस में होम्योपैथिक इलाज फायदेमंद माना गया है। लेकिन कुछ केसेस में सर्जरी की जरूरत पड़ती है। महिलाओं को ग्रोइन हर्निया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सर्जरी से इसे ठीक किया जा सकता है। इससे दर्द से राहत मिलेगी और कई प्रकार की परेशानी से बचने में मदद भी मिलेगी। आमतौर पर हर्निया अस्त-व्यस्त लाइफस्टाइल की वजह से भी होता है। लाइफस्टाइल में बदलाव, खानपान में बदलाव करके इससे दूर रहा जा सकता है। वजन को नियंत्रित रखना भी इस बीमारी को खुद से दूर रखने के लिए बहुत आवश्यक है।

Posted By: Arvind Dubey

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