World Diabetes Day 2019 जुकाम का संक्रमण होते ही शरीर के हारमोन्स संक्रमण से लड़ने लगते हैं। इसकी वजह से इंसुलीन ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पाती है और ब्लड शुगर बढ़ जाती है। जुकाम होने के साथ ही टाइप-1 डायबिटीज के मरीजों की शुगर को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि ब्लड में एसिड जमा होने लगता है और जान पर बन आती है। यदि आप बूढ़े हैं और टाइट-2 डायबिटीज के रोगी हैं तो बहुत बढ़ी हुई शुगर के कारण आप डायबिटिक कोमा में भी जा सकते हैं। हर बार चैक करें शुगर जुकाम का सामना कर रहे मधुमेह के रोगियों को हर तीन या चार घंटे में ब्लड शुगर लेवल चैक करना चाहिए। यदि शुगर कंट्रोल में नहींआ पा रही हो तो चिकित्सक की सलाह से दवाओं के डोज बदलिए। 14 नवंबर वर्ल्ड डायबिटीज डे पर पढ़िए स्पेशल -

जुकाम में क्या खाएं और क्या पिएं

जुकाम में भूख लगनी ही बंद हो जाती है। कुछ न खाने से शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती है उससे हालत और खराब हो जाएगी। इसलिए कुछ न कुछ तो खाते रहना ही चाहिए। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन का सुझाव है कि हर घंटे कम से कम 15 ग्राम कार्बोहाईड्रेट्‌स की खुराक लेनी चाहिए। अगर नहीं खाएंगे तो ब्लड शुगर लेवल खतरनाक स्तर तक गिर सकता है। यदि जुकाम के साथ बुखार भी है और उल्टियां भी हो रही हैं तो तरल पेय लेना ठीक होता है। जुकाम से बचाव का सबसे सरल तरीका है पब्लिक प्लेसेस में न जाएं और संक्रमित लोगों के संपर्क में न आएं। मधुमेह के रोगियों के लिए जुकाम ही नहीं बल्कि हर रोग के संक्रमण से बचना ठीक होता है।

क्या रखें सावधानिया

1. डायबिटीज की दवाएं और इंसुलीन पंप को फ्रीज होने से बचा लें।

2. अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखें। विटामिन सी और विभिन्ना किस्म के फलों के साथ सब्जियों का सलाद रोज खाएं।

3. खून में शुगर की मात्रा का अंदाजा न लगाएं बल्कि कंफर्म टेस्ट कराते रहें। हाथों और पैरों कोकभी ठंडा ना होने दें। अक्सर शुगर के मरीज सर्दियों में गर्म कमरों से नहीं निकलना चाहते। वे हीटर के पास बैठकर बदन को गर्म रखना चाहते हैं लेकिन यह हमेशा ठीक नहीं होता। अपना शारीरिक मूवमेंट कायम रखें क्योंकि इसी से खून का संचार पूरे शरीर में लगातार होता रहेगा।

(डॉ.अनिल भदौरिया, जनरल फीजिशियन कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल, देवास )

Posted By: Arvind Dubey