एक तस्वीर कराहती मानवता के जख्मों पर मरहम लगा सकती है। एक तस्वीर त्रासदियों को हमारे दिलों में इस तरह पैबस्त कर सकती है कि हम युद्ध से तौबा कर उठें। इसके बावजूद दुनिया की कुछ प्रसिद्ध तस्वीरों में नजर आने वाले दृश्य से आगे जाकर उनकी कहानियां जानना भी बहुत रोचक है।

चरखा सीखा तब उतारी गांधीजी की तस्वीर

गांधीजी की यह तस्वीर 20 वीं सदी की सबसे ताकतवर तस्वीर के तौर पर देखी गई है। इसे लाइफ मैगजीन की पहली महिला फोटोग्राफर मार्गरेट बर्क ने उतारा था। गांधी जी के सचिव ने बर्क को कहा था कि उसे बापू की तस्वीर उतारने का मौका तभी मिल सकता है जबकि वह खुद चरखा चलाना सीख ले। उन्होंने सीखा और उसके बाद यह तस्वीर उतारी जो इतिहास में दर्ज हो गई। जिस दिन यह तस्वीर उतारी गई उस दिन बापू का उपवास था तो बर्क को हिदायत दी गई थी कि उसे कुछ भी बात नहीं करना है। बर्क को तेज प्रकाश का उपयोग करने की अनुमति भी नहीं दी गई क्योंकि गांधीजी को वह पसंद नहीं था। फिर भी तस्वीर अपने आप में बेहद प्रभावी बनी।

मर्लिन मुनरो की तस्वीर

मर्लिन मुनरो की यह तस्वीर विश्व में सर्वाधिक चर्चित हुई। यह 1954 की बात है जबकि डाइरेक्टर बिली विल्डर 'द सेवन ईयर ईच' फिल्म बना रहे थे। फिल्म के एक सीन में मर्लिन अपने साथी कलाकार के साथ थिएटर से बाहर आती है और हवा से उनका स्कर्ट उड़ता है। मर्लिन ने तब शरमाने के बजाय अलग ही तरह की प्रतिक्रिया दी। इस फोटो को खींचा था सैम शॉ ने। सैम और मुनरो दोस्त थे और सैम को इस फिल्म की स्टिल फोटोग्राफी का काम मिला था। सैम ने 1940 के दशक में 'फ्राइडे मैगजीन' के लिए इसी तरह की तस्वीर खिंची थी और मैगजीन पूरी बिक गई थी। उन्होंने मुनरो की फिल्म के दौरान फिर से उस आयडिया पर काम किया औरमुनरो की यह तस्वीर विश्व प्रसिद्ध रही।