Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार फिलहाल सत्ता पर काबिज है। भाजपा से गठबंधन तोड़कर शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही शिवसेना से भाजपा का लगभग तीन दशक का गठबंधन टूट गया था। अब महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक और बड़ा खुलासा किया है जिससे सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा सकती है। चव्हाण ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि 2014 में भी शिवसेना ने कांग्रेस से और एनसीपी से गठबंधन कर राज्य में सरकार बनाने की मंशा जताई थी। उस वक्त कांग्रेस ने शिवसेना का प्रस्ताव सिरे से खारिज कर दिया था।

चव्हाण ने कहा कि 2019 विधानसभा चुनाव के बाद भी कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी उद्धव ठाकरे के साथ सरकार बनाने के राजी नहीं थीं हालांकि काफी सोच विचार के बाद उन्होंने गठबंधन करने का निर्णय लिया था। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस को साथ लेकर सरकार बना ली थी।

चव्हाण ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही जब उनसे पूछा गया कि आखिर कांग्रेस को शिवसेना से हाथ मिलाने की जरूरत क्यों महसूस हुई। इस पर उन्होंने आगे कहा '2019 जैसे हालात ही 2014 में भी बने थे। उस वक्त भी शिवसेना और एनसीपी ने मुझे गठबंधन सरकार बनाने के लिए एप्रोच किया था लेकिन मैंने तत्काल उनके इस ऑफर को खारिज कर दिया था और कहा था राजनीति में हार और जीत चलती रहती है। पूर्व में भी हम चुनाव हारे हैं और विपक्ष में बैठें हैं।'

गौरतलब है कि इस बार तीनों ही दल साथ आए हैं और वर्तमान में राज्य में तीन दलों के गठबंधन की सरकार है। इसके पूर्व शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था और जनता ने उनके गठबंधन को स्वीकार करते हुए बहुमत के आंकड़े तक पहुंचाया था। हालांकि शिवसेना के गठबंधन तोड़ने के बाद राज्य के राजनीतिक हालात पूरी तरह बदल गए।

Posted By: Neeraj Vyas

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