पुणे। दक्षिण मुंबई के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और राधा कलिनदास दरियानानी ट्रस्ट के प्रमुख प्रेम दरियानानी ने भारतीय सेना को दिल खोलकर दान दिया है। प्रेम दरियानानी ने भारतीय सेना को चालीस करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति उपहार में दी है। इसके तहत प्रेम दरियानानी के ट्रस्ट ने सेना को छह एकड़ जमीन और बारह इमारतें दान में दी हैं। सेना को निजी स्तर पर दिया गया यह अब तक का सबसे बड़ा दान है।

यह दान आर्मी लॉ कॉलेज पुणे, को दी गई है। इस कालेज का उद्घाटन ओल्ड पुणे-मुंबई हाईवे पर स्थित कान्हे में विगत 16 जुलाई 2018 को किया गया था। यह आवासीय सुविधाओं वाला संस्थान हैं। यहां पांच साल का बीबीए-एलएलबी एक साथ कराया जाता है। कॉलेज के इस विस्तार से दूसरे और तीसरे साल के छात्रों को नई कक्षाओं के इस्तेमाल का मौका मिलेगा। दूसरी अन्य इमारतों और जमीन का उपयोग सेना अपनी जरूरतों के हिसाब से करेगी।

अब देश में दो आर्मी लॉ कालेज हैं। पहला कालेज मोहाली में स्थापित किया गया है जबकि दूसरा कान्हे में है। यह दान राधा कलिनदास दरियानानी ट्रस्ट के प्रमुख प्रेम दरियानानी ने देश की सेवा में जुटे सशस्त्र बलों के बलिदान, सेवा और देश के प्रति वीरता से युक्त वफादारी को देखते हुए दिया है। यह भेंट सेना की तरफ से दक्षिणी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी से ग्रहण की।

प्रेम दरियानानी ने अपने ट्रस्ट के जरिए सशस्त्र बलों के लिए दूसरी बार अपना अहम योगदान दिया है। वह देश में निजी स्तर पर सेना को मदद करने वाले सबसे बड़े दानकर्ता हैं। ले.जनरल एसके सैनी ने बताया कि सशस्त्र बलों के अफसर देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं। इसलिए देश के कृतज्ञ नागरिकों को उनके कल्याण के लिए योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेना देश के लिए हमेशा तत्पर है। नागरिकों और ट्रस्टों को इसतरह सेना का मनोबल बढ़ाना चाहिए।