पुणे। आईएएस के पद से इस्तीफा देने वाले कन्नन गोपीनाथन को सोमवार को पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में नहीं प्रवेश नहीं करने दिया गया। हालांकि इस संबंध में जयकर नॉलेज रिसोर्स सेंटर के लाइब्रेरी अधिकारियों ने कहा कि उनसे प्रवेश के संबंध में आवेदन मांगा गया था और इस संबंध में संस्थान नियमों का पालन कर रहा था।

गौरतलब है कन्नन ने पिछले महीने जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया था। गोपीनाथन ने ट्वीट करके घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुणे विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुझे जयकर लाइब्रेरी में आमंत्रित किया था और कहा था कि वहां पर बहुत सारे छात्र संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे हैं और उनसे मिलना चाहते हैं।

हालांकि जब लाइब्रेरियन को इस बात का पता चला कि मैं कौन हूं तो उन्होंने पुस्तकालय में प्रवेश के संबंध में मुझसे आवेदन मांगा। इसको लेकर छात्रों और लाइब्रेरी इंचार्ज के बीच बहस होने लगी। थोड़ी देर बहस के बाद मैंने स्वयं लाइब्रेरी जाने से मना कर दिया। बाद में विश्वविद्यालय के एक कैंटीन में मैंने छात्रों से मुलाकात की।

Posted By: Yogendra Sharma