मुंबई। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार बन चुकी है और शिवेसेना नेता उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री के रूप में सदन में अपना बहुमत भी साबित कर दिया है। अब जब राज्य में सरकार बन चुकी है और फिलहाल कोई समस्या नहीं है तब एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक बड़ा खुलासा किया है। शरद पवार ने कहा है कि उन्हें पता था कि उनका भतीजा अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस से बात कर रहा है।

उद्धव के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार में अजीत के शामिल होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि विधानसभा के आगामी शीतसत्र की समाप्ति के बाद राकांपा इस पर कोई फैसला करेगी। उन्होंने माना कि उनके भतीजे की पार्टी पर अच्छी पकड़ है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार किसी विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) के आधार पर चलेगी और पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

दो दिन में दूसरा बड़ा खुलासा करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को कहा, उन्हें पता था कि उनकी पार्टी के नेता अजीत पवार भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस के संपर्क में थे। यह खुलासा इसलिए अहम है क्योंकि 23 नवंबर को जब अजीत पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ सरकार बनाते हुए उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तब शरद पवार ने साफ कहा था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, इस बार भी उन्होंने इसी बात को दोहराया है।

एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पवार ने कहा, "मुझे पता था कि अजीत पवार और देवेंद्र फड़नवीस बातचीत कर रहे थे, लेकिन ये अटकलें गलत हैं कि मुझे अजीत के उठाए राजनीतिक कदम के बारे में भी पता था।'

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने हिंदुत्व की पैरोकार शिवसेना के साथ गठबंधन के बारे में कभी नहीं सोचा था।लेकिन साथ ही कहा, "हमारे लिए भाजपा की तुलना में शिवसेना के साथ काम करना कठिन नहीं था।" उन्होंने आगे कहा, "हमें पता था कि चुनावपूर्व गठबंधन के घटक दलों (शिवसेना-भाजपा) में गंभीर मतभेद पैदा हो गए हैं और आपसी सहमति का सम्मान नहीं किया जा रहा था। शिवसेना नाखुश थी और हम घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे।" हालांकि पवार ने यह नहीं बताया कि वह किस आपसी सहमति का जिक्र कर रहे थे।

अजीत पवार के प्रति नरमी का भाव दिखाते हुए राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार गठन के लिए कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत की रफ्तार और सत्ता बंटवारे को लेकर संघर्ष से अजीत खफा थे। लेकिन उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी कि अजीत उस तरह का कदम उठा लेंगे।

शरद पवार ने कहा, "नेहरू सेंटर में मेरे और दिल्ली से आए कांग्रेस नेताओं के बीच कुछ मुद्दों पर गर्मा-गर्म बहस हो गई थी। एक पल के लिए मैंने सोचा कि मैं इस बातचीत में शामिल नहीं होउंगा और मुझे इस बातचीत में नहीं पड़ना चाहिए। अजीत भी नाखुश थे और उन्होंने मेरे सहयोगियों से बात की कि काम कैसे करेंगे... सत्ता के बंटवारे को लेकर खींचतान थी।"

Posted By: Ajay Barve

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