मुंबई। महाराष्ट्र में सत्ता के गठन को लेकर अभी भी कयासों का दौर जारी है। सत्ता के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच बात बनती नहीं दिख रही है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राजभवन में जाकर मुलाकात की है। महाराष्ट्र में चुनाव एक साथ लड़ने और बहुमत से जीतने के बाद, दोनों सहयोगी दल बेहतर सौदे के लिए चर्चा कर रहे हैं। शिवसेना की मांग है कि पांच साल के कार्यकाल का बंटवारा हो और आधे समय के लिए मुख्यमंत्री उसका हो।

बताते चलें कि चुनाव में भाजपा को 105 सीटें और शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं। इसके साथ ही शिवसेना किंग मेकर की भूमिका में आ गई है। गुरुवार को चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद साफ हो गया था कि सत्ता बनाने के लिए भाजपा को शिवसेना पर ज्यादा निर्भर होना पड़ेगा। दरअसल, इस चुनाव में भाजपा को उम्मीद से कम सीटें मिली हैं।

उधर, शिवसेना के नेता दिवाकर राउते ने भी राज भवन में जाकर राज्यपाल से मुलाकात की है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को सत्ता में आने के लिए "50:50 फॉर्मूले" की याद दिलाई थी, जिसके बारे में दोनों दलों के बीच इस साल की शुरुआत में लोक सभा चुनाव से पहले बात हुई थी। उधर, रविवार को केंद्रीय मंत्री और रेवोल्यूशन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास अठावले ने रविवार को कहा था कि शिवसेना को पांच साल के लिए आदित्य ठाकरे के लिए उप मुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भाजपा बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाने के लिए सहमत होगी। मगर, उप मुख्यमंत्री का पद शिवसेना को पांच साल के लिए दिया जा सकता है। मुझे लगता है कि शिवसेना को आदित्य ठाकरे के लिए उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार करना चाहिए और देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री बनना चाहिए।

उन्होंने कहा, मेरा फार्मूला यह है कि बीजेपी और शिवसेना को साथ आना चाहिए क्योंकि लोगों का जनादेश उनके साथ है। निश्चित रूप से एनडीए को उतनी सीटें नहीं मिलीं, जितनी उम्मीद थी, लेकिन फिर भी बहुमत मिला है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai