नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन पर शिवसेना के साथ जारी गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सोमवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिले। मुलाकात के बाद कहा- 'महाराष्ट्र में सरकार जल्द बनाने की जरूरत है... मैं आश्वस्त हूं कि सरकार बन जाएगी।"

बाद में वह महाराष्ट्र मामलों के प्रभारी व पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव से भी मिलने पहुंचे। मालूम हो कि राज्य विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में इस समय-सीमा के पहले यदि नई सरकार नहीं बन पाई तो राष्ट्रपति शासन की नौबत आ जाएगी।

यद्यपि आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि फडणवीस ने महाराष्ट्र में बेमौसमी बारिश से फसलों को हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय पैकेज के सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। लेकिन राज्य में शिवसेना के तेवर के कारण अभी तक नई सरकार नहीं बन पाने की पृष्ठभूमि इस मुलाकात के राजनीतिक मायने ज्यादा निकाले जा रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि भाजपा फिलहाल 'इंतजार करो और देखो" के मूड में है। ऐसे में सबकी निगाहें राकांपा और कांग्रेस के रुख पर टिकी हैं। शिवसेना के प्रति नरम रुख का संकेत दे रही राकांपा के प्रमुख शरद पवार भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिल रहे हैं। हालांकि दोनों पार्टियां कह चुकी हैं वे विपक्ष में बैठेंगी। लेकिन सरकार गठन को लेकर क्या रुख होगा, यह बात अहम होगी।

लक्ष्य तक पहुंचने से पहले सफर में मजा आता है...

इसके पहले संजय राउत ने एक ट्वीट में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा- 'लक्ष्य तक पहुंचने से पहले सफर में मजा आता है।" उन्होंने अपने पोस्ट में समर्थकों का 'जय हिंद" कह कर अभिवादन भी किया है। उल्लेखनीय है कि शिवसेना अभिवादन के लिए 'जय महाराष्ट्र" पर ही जोर देती रही है।

एक दिन पहले रविवार को राउत ने दावा किया था कि शिवसेना को 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है और जल्द ही उनकी पार्टी का मुख्यमंत्री होगा। शिवसेना दावा करती रही है कि चुनाव से पूर्व ही भाजपा के साथ सत्ता में 'फिफ्टी-फिफ्टी" हिस्सेदारी की बात तय हो चुकी है, जिसमें मुख्यमंत्री पद भी शामिल है। उसी आधार पर वह ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर हक जता रही है। लेकिन भाजपा शिवसेना की यह मांग मानने को तैयार नहीं दिख रही है।

भाजपा के कुछ नेता दोबारा चुनाव के पक्ष में : मंत्री

दूसरी ओर, गतिरोध का समाधान न निकलते देख निवर्तमान सरकार में भाजपा के एक मंत्री कहा है कि पार्टी के कुछ नेता राज्य में दोबारा चुनाव के पक्ष में हैं। राज्य के पर्यटन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री जयकुमार रावल ने एक टीवी चैनल को बताया कि भाजपा नेताओं ने यह राय रविवार को धुले जिले में एक समीक्षा बैठक में जाहिर की।

मुख्यमंत्री फडणवीस के करीबी माने जाने वाले रावल ने कहा- 'पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था... एक बार हमें मौका दें, हम फिर चुनाव लड़ेंगे और इस बार जीतेंगे।" उन्होंने बताया कि कई नेता इस बात से नाराज थे कि शिवसेना के साथ गठबंधन होने की वजह से वे कुछ सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सके।

Posted By: Navodit Saktawat