Maharashtra: महाराष्ट्र में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। Shiv Sena, NCP और Congress ने मिलकर सरकार तो बना ली, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार होते ही तनातनी शुरू हो गई है। कांग्रेस के वे नेता नाराजगी जाहिर कर चुके हैं, जिन्हें उद्धव कैबिनेट में जगह नहीं मिली। पुणे में तो तोड़फोड़ भी की गई। अब शिवसेना ने इस बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है। पार्टी मुखपत्र 'सामना' में लिखा गया है कि कांग्रेस में अनुशासन की कमी है। यह पार्टी रोड़े अटकाती है। बता दें, करीब 33 दिन पहले यह खिचड़ी सरकार बनी है और सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब शिवसेना ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया नहीं आई है।

मालूम हो, बीती 30 दिसंबर को महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था। तब शिवसेना के 12, एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 10 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद पृथ्वीराज चव्हाण, नसीम खान, प्रणीति शिंदे, अमीन पटेल और संग्राम थोराट जैसे नेता नाराज बताए गए। संग्राम थोराट के समर्थकों ने तो पार्टी के पुणे कार्यालय में तोड़फोड़ भी की। ये नेता केंद्रीय नेतृत्व के करीबी मल्लिकार्जुन खड़गे पर आरोप लगा रहे हैं। इनका कहना है कि खड़गे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को गलत जानकारी दी, जिससे वे नेता मंत्री बन गए, जिन पर चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप था।

ये बने मंत्री

कांग्रेस की ओर से जिन 10 विधायकों मंत्री पद दिया गया, उनमें शामिल हैं - अशोक चव्हाण, केसी पाडवी, विजय वादीतिवार, अमित देशमुख, सुनील केदार, यशोमति ठाकुर, वर्षा गायकवाड़, असलम शेख, सतेज पाटिल और विश्वजीत कदम।

Posted By: Arvind Dubey

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