मुंबई। मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से डी.एन.रोड के दूसरी ओर ले जानेवाले फुटओवर ब्रिज का आधा सीमेंट स्लैब गुरुवार शाम 7.30 बजे भरभराकर गिर गया।

इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए।हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए महाराष्‍ट्र सरकार ने 5-5 लाख रुपए एवं घायलों के लिए 50-50 हज़ार रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा सरकार ने रेलवे और बीएमसी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

इस बीच, मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसे में मौतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, "मृतक परिजनों के साथ मेरी सद्भावनाएं हैं।

घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। महाराष्ट्र सरकार हरसंभव मदद पहुंचा रही है।" दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पर लिखा कि मृतकों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना जताई।

कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि रेल मंत्री के दावे झूठे साबित हुए हैं। उनको इस्तीफा देना चाहिए या बर्खास्त किया जाना चाहिए।"

जिस समय यह ब्रिज गिरा, ब्रिज पर तो सर्वाधिक भीड़ का समय होता ही है, ब्रिज के नीचे भी उस समय सबसे ज्यादा भीड़ होती है।

लिहाजा ब्रिज पर चल रहे लोगों के साथ-साथ उसके नीचे पहुंचे लोग भी इस दुर्घटना की चपेट में आए। मलबे के नीचे आई एक टैक्सी बिल्कुल पिचक गई। काफी देर तक मलबे के नीचे कई लोग दबे रहे।

हादसे के कुछ देर बाद ही घटनास्थल पर पहुंचे दमकल और पुलिस कर्मियों ने घायलों को निकट के सेंट जॉर्ज एवं जी.टी. अस्पताल पहुंचाया। मरनेवाले पांच लोगों में दो महिलाएं हैं।

दोनों महिलाएं जी.टी.अस्पताल की कर्मचारी हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब ब्रिज गिर रहा था तब पास के सिग्नल पर रेड लाइट थी। इसीलिए ज्यादा लोग हताहत नहीं हुए हैं।

अगर हरी बत्ती थोड़ी भी देर पहले हो गई होती तो बहुत सी जानें जातीं। वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि गुरुवार की सुबह मरम्मत का काम चलने के बावजूद ब्रिज पर लोगों की आवाजाही जारी थी।

हिमालया ब्रिज को कसाब ब्रिज भी कहते हैं :

डी.एन.रोड के ऊपर से गुजरनेवाला यह ब्रिज "हिमालया ब्रिज" के नाम से जाना जाता है और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन की ओर जानेवाली गली से जोड़ता है।

26/11 के आतंकी हमले के दौरान पाकिस्तानी आतंकी कसाब और उसका साथी इसी ब्रिज से होकर कॉमा अस्पताल पहुंचे थे।

दक्षिण मुंबई से निकलकर उपनगरीय मुंबई और ठाणे के लिए जानेवाले इसी मार्ग से गुजरते हैं। दुर्घटना के बाद यह मार्ग बंद कर दिया गया है। मलबा हटाने की कोशिश की जा रही है।

पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे :

जुलाई 2018 में अंधेरी रेलवे स्टेशन के निकट भी रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजरनेवाला एक पुल गिर गया था। इसमें पांच लोग घायल हुए थे। सुबह 7.30 बजे वह दुर्घटना होने के कारण पुल पर अधिक भीड़ नहीं थी।

इसलिए दुर्घटना से अधिक लोग प्रभावित नहीं हुए। उल्लेखनीय है कि करीब दो साल पहले एल्फिंस्टन रोड स्टेशन पर हुए हादसे में भी 23 लोग मारे गए थे।