मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने मुंबई के ED दफ्तर में पेश होने का फैसला बदल दिया है। लॉ एंड ऑर्डर ना बिगड़े इसके लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। आज दिनभर पल-पल बदल रहे घटनाक्रम के बाद शरद पवार ने यह निर्णय लिया है।

इसके पूर्व ED की ओर से शरद पवार को मेल करते हुए कहा गया था कि आज वे दफ्तर नहीं आए। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में एनसीपी कार्यकर्ताओं के ईडी दफ्तर पहुंचने की आशंका थी। हालांकि शरद पवार द्वारा ED दफ्तर ना जाने की घोषणा के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।

बता दें महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक में हुए 26 हजार करोड़ के घोटाले के मामले में ED ने शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार सहित लगभग 70 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ED दफ्तर जाने के दौरान ऑफिस के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा ना हो इसकी पवार ने कार्यकर्ताओं से अपील भी की है। सामने आई जानकारी के मुताबिक ED की तरफ से शरद पवार को कोई समन नहीं भेजा गया है।

दक्षिण मुंबई में लगाई गई 144 धारा

एनसीपी नेता शरद पवार के ED दफ्तर में पेश होने की जानकारी के बाद आज दक्षिणी मुंबई के कई इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एहतियातन कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसमें कोलाबा, कफ परेड, आजाद मैदान, मरीन ड्राइव, डोंगरी, एमआरए मार्ग, जेजे मार्ग पुलिस स्टेशनों के लिए लागू की गई है।

दिलचस्प बात है कि ED की तरफ से शरद पवार को कोई समन नहीं भेजा गया है, लेकिन वे खुद ही आज दोपहर 2 बजे ईडी दफ्तर जाने वाले हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने गुरुवार को ही ट्वीट करते हुए दे दी थी। बता दें कि पिछले महीने 22 अगस्त को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को पूरा एक दिन ED कार्यालय में गुजारना पड़ा था।

राज्य की गरमा सकती है सियासत

महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। ऐसे में माना जा रहा है कि शरद पवार बिना बुलाए ED कार्यालय पहुंचकर इस मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें उन्हें अन्य विपक्षी दलों का भी सहयोग मिल रहा है। चुनाव में काफी कम वक्त रह गया है, ऐसे में इस मुद्दे पर लहर पैदा कर भाजपा-शिवसेना के खिलाफ माहौल तैयार किया जा सकता है।

Posted By: Neeraj Vyas