जलगांव। पीएम मोदी ने नाम लिए बगैर राकांपा प्रमुख शरद पवार पर तंज मारते हुए कहा कि बड़े नेताओं का दिल काफी छोटा है। उन्होंने माला के भीतर आने की कोशिश करने वाले युवा (कार्यकता) को कोहनी मारी। गौरतलब है हाल ही में पवार का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसमें राकांपा अध्यक्ष अकोला की एक जनसभा में माला के दायरे में आने की कोशिश करने वाले एक पार्टी कार्यकर्ता को कथित तौर पर कोहनी मारते दिखते हैं। मोदी ने इसी के संदर्भ में कहा- 'मैं नहीं जानता कि वीडियो क्लीप सही है या नहीं लेकिन बड़े नेता जो अखबारों और टीवी में दिखते रहे हैं उनका दिल काफी छोटा है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान में रविवार को अपने चिर-परिचित अंदाज में उतरे। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर हो रही राजनीति को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए निशाना सीधे कांग्रेस और राकांपा पर साधा। चुनौती देते हुए कहा- यदि हिम्मत है तो विपक्ष अनुच्छेद 370 वापस लाने का अपने चुनाव घोषणा-पत्र में एलान करे। इसके साथ ही तीन तलाक के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्ष की जमकर खबर ली। राज्य में 21 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के लिए अपनी पहली रैली में प्रधानमंत्री ने यहां कहा कि जम्मू-कश्मीर महज जमीनका टुकड़ा नहीं है बल्कि यह भारत का ताज है। साथ ही आश्वस्त किया कि वहां हालात सामान्य होने में चार महीने से ज्यादा का समय नहीं लगेगा।

उन्होंने विपक्षी दलों पर अनुच्छेद 370 के मसले का राजनीतिकरण करने तथा इस पर पड़ोसी देश की भाषा बोलने का आरोप लगाया। कांग्रेस और राकांपा पर हमलावर मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने के 'अभूतपूर्व' फैसले का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा- 'आप कांग्रेस और राकांपा के नेताओं के बयानों को देखें... ऐसा लगता है कि पड़ोसी देश की भाषा बोल रहे हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा- 'मैं उन्हें (विपक्ष) चुनौती देता हूं कि यदि उनमें हिम्मत है तो अपने घोषणा-पत्र में अनुच्छेद 370 और 35ए वापस लाने का एलान करे। इस पर घड़ियाली आंसू बहाना बंद करे।' उन्होंने हैरानी से पूछा कि क्या लोगों को अनुच्छेद 370 की वापसी स्वीकार्य होगी? यदि विपक्ष ऐसा करने वाला है तो उसका कोई भविष्य नहीं है।

पहले तो सोच से भी परे था यह फैसला

प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के इस फैसले को जायज ठहराते हुए कहा कि पहले तो यह(अनुच्छेद 370 को समाप्त करना) फैसला सोच से भी परे था। इतने सालों में जम्मू-कश्मीर में सिर्फ अलगाववाद और आतंकवाद बढ़ा। गरीब, महिला, अनुसूचित जाति तथा वंचित तबके के विकास की संभावना भी धूमिल थी।

वाल्मीकि समाज के लोगों को गले लगाने का सौभाग्य मिला

मोदी ने कहा-जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में वाल्मीकि समाज के लोग मानवाधिकारों से भी वंचित थे। लेकिन आज मैं भगवान वाल्मीकि के सामने झुककर कह सकता हूं कि मुझे उन भाइयों को गले लगाने का सौभाग्य मिला है।'

मुस्लिम माताओं, बहनों से किया वादा निभाया

प्रधानमंत्री ने भाजपा सरकार की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं होने का दावा करते हुए तीन तलाक मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। कहा कि विपक्ष की कोशिश रही कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय नहीं मिले। उन्होंने कहा- 'लेकिन मैंने मुस्लिम माताओं और बहनों से किया वादा निभाया। अब विपक्ष को इसकी भी चुनौती है कि वह तीन तलाक की प्रथा को वापस लाए।'

'थके सहयोगी' पूरा नहीं कर सकते महाराष्ट्र का सपना

प्रधानमंत्री ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन (कांग्रेस-राकांपा) पर प्रहार करतेहुए कहा कि 'थके सहयोगी' एक-दूसरे को सहारा तो दे सकते हैं लेकिन महाराष्ट्र तथा इसके युवाओं के सपने को पूरा नहीं कर सकते। उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी और राकांपा 'थक' गई है।

'भ्रष्टाचार मुक्त' फडणवीस सरकार ने जगाया विश्वास

प्रधानमंत्री ने राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार की सराहना करते हुए उनके पांच साल केकार्यकाल को 'भ्रष्टाचार मुक्त' करार देते हुए कहा कि इस सरकार ने किसानों तथा उद्योगपतियों समेत सभी के मन में विश्वास जगाया है। उन्होंने फडणवीस को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए लोगों से समर्थन की अपील की।

Posted By: Yogendra Sharma