मुंबई। पीएमसी बैंक से नकद निकासी पर लगाई गई पाबंदियों के बाद शनिवार को पांचवें खाताधारक राम अरोड़ा की मुलुंड इलाके में मौत हो गई। हालांकि उनके परिजनों का दावा है कि यह एक प्राकृतिक मौत है और इसका बैंक घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। परिजनों के मुताबिक वरिष्ठ नागरिकअरोड़ा सिर्फ बैंक में जमा पैसों पर निर्भर नहीं थे।

इसके पहले बैंक के चार खाताधारकों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को मुलुंड निवासी मुरलीधर धारा (83) की मौत हो गई थी। उनके परिवार का दावा था कि पाबंदियों के चलते हार्ट सर्जरी के लिए वह पैसा नहीं निकाल पाए, जिसके चलते मौत हो गई। दो अन्य खाताधारकों की कार्डिएक अरेस्ट से मौत हो गई थी जबकि एक महिला डॉक्टर ने नींद की गोलियां खाकर खुदकशी कर ली थी।

दूसरी ओर, पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं ने फंड निकासी पर लगाई गई पाबंदियां खत्म करने की मांग को लेकर शनिवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

पुलिस ने बताया कि महिलाओं समेत करीब सौ जमाकर्ताओं ने हाथ में मांगों वाली तख्तियां लेकर पीएमसी बैंक तथा आरबीआई के खिलाफ नारेबाजी की। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस वहां मौजूद रही। प्रदर्शन के लिए किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग महिला और पुरुष की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस की मदद से इन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस बयान से भी लोगों में भरोसा जगा है कि सरकार पीएमसी बैंक के मर्जर पर विचार कर रही है।

Posted By: Arvind Dubey