मुंबई। घोटालाग्रस्त पंजाब एवं महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारकों की बढ़ती परेशानियों के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार इस बैंक का अन्य बैंक में विलय की संभावना तलाशेगी।

बैंक से जमा राशि निकालने पर लगाई गई पाबंदियों के मद्देनजर खाताधारकों के गुस्से को शांत करने की कोशिश में मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि बैंक में एक लाख रुपए तक की जमा राशि सुरक्षित और बीमित है।

मुख्यमंत्री ने कुछ चुनिंदा पत्रकारों से चर्चा में कहा- 'दुर्भाग्यवश, पीएमसी बैंक के रिवाइवल पैकेज का मामला राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में नहीं बल्कि आरबीआई के अख्तियार में है। लेकिन राज्य सरकार इस बैंक का विलय अन्य बैंक में करने की सुविधा दे सकता। मैंने इस मसले पर प्रधानमंत्री तथा वित्त मंत्री से बात भी की है। चुनाव के बाद मैं आगे भी इस पर बात करूंगा।'

यह पूछे जाने पर कि बैंक घोटाले परभाजपा-शिवसेना की सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, फडणवीस ने कहा- आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी संपत्तियां जब्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि डिपॉजिटर्स एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक, राज्य या केंद्र सरकार आरोपितों की संपत्तियां नीलाम कर जमाकर्ताओं को पैसे दे सकती है लेकिन इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।

उन्होंने कहा कि बैंक में एक लाख रुपए से कम जमा करने वालों की संख्या ज्यादा है। लेकिन हाउसिंग सोसायटी, धार्मिक संस्थान तथा बड़ी राशि जमा करने वालों की समस्या ज्यादा है। यद्यपि यह मामला आरबीआई के क्षेत्राधिकार में आता है लेकिन चुनाव के बाद वह इस मामले में केंद्र से आगे की बात करेंगे ताकि जमाकर्ताओं के पैसे वापस मिल जाएं। उन्होंने माना कि चुनाव आदर्श आचार संहिता के कारण सरकार पीएमसी बैंक मामले में फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही है।

उल्लेखनीय है कि पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कई पाबंदियां लगा दी हैं। जांचकर्ताओं ने घोटाले में शामिल एचडीआईएल के प्रमोटरों तथा बैंक के पूर्व शीर्षस्थ अधिकारियों समेत पांच आरोपितों कोअभी तक गिरफ्तार किया है।

Posted By: Arvind Dubey