मुंबई Shivsena BJP Politics । महाराष्ट्र की सियासत में फिर किसी भूचाल की आशंका जताई जा रही है क्योंकि शिवसेना नेता संजय राउत और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस की गुप्त मुलाकात ने सियासी हलकों को सरगर्मी शुरू कर दी है। हालांकि इस गुप्त मुलाकात का जब खुलासा हो गया तो संजय राउत ने कहा कि मैं सामना अखबार के लिए देवेंद्र फणनवीस का इंटरव्यू लेना चाहता था। इस दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, ऐसे में वह उद्धव ठाकरे के नेता हैं। वह हमारे नेता भी हैं।

गौरतलब है कि ऐसा कहा जा रहा है कि शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कुछ खास मुद्दों को लेकर देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद संजय राउत ने कहा कि वह महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता हैं और बिहार चुनाव के लिए भाजपा प्रभारी हैं। हमारे आपस में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को हमारी इस बैठक के बारे में जानकारी है।

5-स्टार होटल में डेढ़ घंटे चली मुलाकात

पांच सितारा होटल में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस एवं शिवसेना नेता संजय राउत की डेढ़ घंटे चली इस मुलाकात ने कयासों का बवंडर खड़ा कर दिया है। हालांकि, राउत और भाजपा की तरफ से इस मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ नहीं निकालने की बात कही गई है। लेकिन, फड़नवीस के करीबी नेता प्रवीण दरेकर का कहना है कि राजनीति में कुछ भी संभव है। हालांकि मुलाकात से पहले दोनों दलों की ओर से ये सूचना गुप्त रखी गयी थी। बात सार्वजनिक होने पर राउत ने सफाई देते हुए कहा कि वह शिवसेना के मुखपत्र सामना के लिए फड़नवीस का इंटरव्‍यू लेना चाहते हैं।

कुछ दिन पहले बोले थे राउत - भाजपा से सुधर रहे संबंध

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर भाजपा-शिवसेना के संबंध सुधरने की तरफ इशारा किया था। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या यह मुलाकात दोनों दलों के आपसी संबंधों को पुन: गठबंधन के स्तर तक ले जाने का प्रयत्‍न है? इस मुलाकात के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने भी यह कहकर सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्तमान सरकार को गिराने का प्रयत्‍न हम नहीं करेंगे, लेकिन यदि यह अपने ही अंतर्विरोधों के कारण गिरी, तो क्या होगा?

Posted By: Sandeep Chourey

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