मुंबई। फिल्मी सितारे हर हाल में अपने स्वास्थ्य, सौंदर्य और फिटनेस का खास ख्याल रखते हैं। तब भी जब उनकी चमक चारों ओर फैल रही होती है और तब भी जब उनका जमाना गुजर चुका होता है।

यह मामला है गुजरे जमाने की आकर्षक अभिनेत्री रीना रॉय का। 70 और 80 के दशक में 'आशा", 'सनम तेरी कसम", 'नागिन" और 'कालीचरण" जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाली इस अभिनेत्री ने अपने पुराने रूप को फिर से पाने की कोशिश में बेरियाट्रिक सर्जरी कराई है। महानगर के चर्नी रोड स्थित सैफी अस्पताल में शुक्रवार को हुई उनकी सर्जरी सफल रही। अस्पताल के बेरियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुफ्फजल लकड़ावाला ने इस बात की पुष्टि की कि अभिनेत्री रीना रॉय को भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्होंने दूसरी जानकारियां देने से साफ इंकार कर दिया।

1972 में बॉलीवुड में पदार्पण करने वाली इस अभिनेत्री ने 13 सालों तक हिन्दी सिनेमा में काम किया। इधर, काम में सक्रिय न होने और स्वास्थ्य में गड़बड़ी के कारण उनका वजन काफी बढ़ गया था। एक अंतराल के बाद चरित्र अभिनेत्री के रूप में वह 90 के दशक में बॉलीवुड में वापस भी लौटीं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वर्ष 2000 के बाद काम नहीं कर सकीं। 2006-07 में उन्होंने कुछ कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए फिर से घर से निकलना शुरू कर दिया।

रीना रॉय के एक करीबी सूत्र ने बताया, 'रीना कई सालों से अपनी फोटो खिंचवाने से बचती रही हैं। वह चाहती है कि दुनिया उन्हें उसी रूप में देखे जैसा की वह अपनी फिल्मों में दिखा करती हैं, न कि उस रूप में जैसा कि वह इन दिनों नजर आ रही हैं। पिछले दो सालों से उनकी बहन बरखा उनसे पारिवारिक मित्र और बेरियाट्रिक सर्जन डॉ. लकड़ावाला से बेरियाट्रिक सर्जरी कराने का आग्रह कर रही थीं। रीना इसके लिए हिचक रही थीं, लेकिन अब उन्होंने बहन की इच्छा पूरी कर ली है।"

हालांकि, अपनी सुंदरता और आकर्षक नृत्य के लिए जानी जाने वाली रीना से इस संबंध में बात नहीं हो सकी। वहीं उनकी बहन बरखा ने बेरियाट्रिक सर्जरी कराने की खबरों को नकार दिया। उन्होंने कहा, 'डॉ. लकड़ावाला हमारे पड़ोसी और पारिवारिक मित्र हैं। मेरी बहन सिर्फ रूटीन चेकअप के लिए उनसे मिली थी।" सूत्रों के मुताबिक ऐसा लगता है कि रीना रॉय की "ङसिद्धि अब भी अस्पताल के मरीजों के बीच बरकरार है। अस्पताल में आने वाले लोग उन्हें देखकर रोमांचित हो जाते थे। वे उनके कमरे में जाते थे और उनसे ऑटोग्राफ व अपने साथ फोटो खिंचवाने का आग्रह करते थे।

बेरियाट्रिक सर्जरी से खतरा नहीं : डॉक्टर

यह सर्जरी उन लोगों को कराने की सलाह दी जाती है जिनका बॉडी मॉस इंडेक्स (बीएमआई) 35 से 40 होता है और जो डायबिटीज और हृदय संबंधी रोगों से ग्रस्त होते हैं। वजन कम करने की "ङक्रिया गैस्ट्रिक बैंड की मदद से पेट का अतिरिक्त मांस हटाकर पूरी की जाती है।

सर्जरी से होने वाले खतरे के बारे में पूछे जाने पर डॉ. लकड़ावाला ने बताया कि यह सुरक्षित सर्जरी में से एक है। इस सर्जरी से गुजरने वाले मरीजों की मृत्यु दर 0.01 फीसद के बराबर होती है। बेरियाट्रिक सर्जरी सौंदर्य बढाने संबंधी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जरूरी होती है क्योंकि यह एक साथ कई बीमारियों के बढ़ने का खतरा कम कर देती है। उन्होंने कहा यह मरीज के डायबिटीज, हाइपरटेंशन और दूसरी कई गंभीर बीमारियों को को नियंत्रित करती है। यह भ्रम है कि इस सर्जरी से दूसरी बीमारियां नहीं होती है।

(मिड डे)

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